वेब होस्टिंग क्या है ? : होस्टिंग कितने प्रकार की होती है? : [Web hosting meaning in hindi]

वेब होस्टिंग क्या है | WEB HOSTING IN HINDI | WINDOW VS LINUX | वेब होस्टिंग के प्रकार | SHARED WEB HOSTING IN HINDI | CLOUD HOSTING IN HINDI

वेब होस्टिंग क्या है – आज के समय में डिजिटल का जमाना बहुत ही तेज़ी बढ़ रहा है। जिसके चलते आज इंटरनेट पर बहुत सी साइट्स और ब्लॉग हर रोज़ नए बनते जा रहे है। जिसमें हर प्रकार की जानकारी हम तक पहुंचती है। क्या आपने कभी ये सोचा है? कि इतनी सारी जानकारी इंटरनेट पर कहां स्टोर रहती है। तो चलिए हम इसके बारे में आपको बताते है। कि वेब होस्टिंग क्या है? जब हम किसी फाइल या किसी जानकारी को लिखित रूप में अपलोड करते है। तो उसके लिए हमें इंटरनेट कि दुनिया में एक प्रॉपर जगह की जरूरत होती है। जहां से कोई भी यूजर हमारे द्वारा दी गई फाइल्स और जानकारी को देख पाता है। चाहे वो कोई फाइल हो या वीडियो या कोई फोटो या लिखित जानकारी हो।

वेब होस्टिंग क्या है ? – [Web hosting meaning in hindi]

जब हम अपनी किसी websites या किसी ब्लॉग को इंटरनेट पर होस्ट करते है। जहां पर हमारी वेबसाइट या ब्लॉग का डाटा स्टोर रहता है। उस वेब होस्टिंग कहते है। जिसको हम किसी भी ब्राउज़र से द्वारा serp करते है। और उस जानकारी को हासिल करते है। वेब होस्टिंग क्या है? वेब होस्टिंग एक तरह के बहुत ही तेज़ और अधिकतम स्पेस वाले कंप्यूटर ही होते है। ये कंप्यूटर 24*7 हर टाइम ऑन रहते है।

web hosting

पर हम अपनी वेबसाइट ता ब्लॉग की जानकारी और फाइल्स डाटा को स्टोर कर के रखते है। ताकि उस जानकारी को हम संसार में कोई भी यूजर प्राप्त कर सके, इंटरनेट के माध्यम से इस डाटा को स्टोर करने का होस्टिंग को किराया देना पड़ता है। वैसे ही जैसे कि हम किसी फ्लैट या किसी अनजान घर में रहने का देते है।

इंटरनेट की जानकारी –

इंटरनेट और वेब होस्टिंग दोनों एक सिक्के के दो पहलू है। इंटरनेट का अर्थ है, किसी भी सर्विसेज का एक दूसरे के साथ कनेक्ट होने जिस से हम किसी भी जानकारी को पब्लिक तक पहुंचते है, या प्राप्त करते है। आज हर कंप्यूटर और मोबाइल एक दूसरे से जुड़ा होता है। जिसको हम एक वेब सर्वर होस्टिंग के नाम से जानते है। जो कि पब्लिक सर्वर के साथ जुड़ा होता है|

लेकिन हमारे मोबाइल, कंप्यूटर में रखी जानकारी को पब्लिक access नही कर पाती, उसका मुख्य कारण है हमारे द्वारा अपने कंप्यूटर या मोबाइल को दी गई सिक्योरटी और प्राइवेसी, जिस करके पब्लिक इसमें रखी जानकारी हमारी मर्जी के बिना नहीं देख पाती, अगर इस प्राइवेसी को ख़तम कर दिया जाए, तो हर कोई हमारे सिस्टम को access कर सकता है।

वेब होस्टिंग कितने प्रकार की होती है ?

वेब होस्टिंग आमतौर पर 4 प्रकार की होती है।

  • Shared web hosting
  • Virtual private server ( VPS)
  • Dedicated web hosting
  • Cloud hosting

Shared Web Hosting –

ये होस्टिंग एक सांझा वेब होस्टिंग होता है। जो कि होस्टिंग प्रोवाइडर कंपनी द्वारा 7 से 10 ब्लॉग या साइट्स को दिया जाता है। जिसके किराया उस सर्वर का उन 7 से 10 साइट्स को देना होता है। जो कि बहुत सस्ता पड़ता है। और ये 7 से 10 साइट्स होस्टिंग कम्पनी अपने आप मैनेज करती है।

Shared Web Hosting

ये shared web hosting शुरुआत में नए साइट्स या ब्लॉगर्स के लिए फायदे मंद होती है। क्यूंकि शुरू में नए ब्लॉग या साइट्स पर ट्रैफिक बहुत कम होती है। जिसको shared hosting आसानी से संभाल लेती है। और ये होस्टिंग दूसरे hosting के मुकाबले सस्ता होता है।

Shared Web Hosting के लाभ –

  • Shared hosting दूसरी होस्टिंग के मुकाबले सस्ता होता है। जिस से नए ब्लॉगर आसानी से afford कर सकते है।
  • Shared hosting कम ट्रैफिक को आसानी से हैंडल कर लेता है।
  • इस होस्टिंग को सेटअप करना बहुत ही आसान होता है।
  • क्युकी इसका यूजर interface बहुत ही यूजर के लिए आसान होता है।

Shared Hosting के नुकसान –

  • Shared hosting का मुख्य एक ही नुकसान है, ये एक सांझा होस्टिंग है।
  • जब काफी दूसरी साइट्स पर ज्यादा ट्रैफिक आ जाए। तो अपनी वेबसाइट या ब्लॉग की भी स्पीड काम हो जाता है या सर्वर डाउन हो जाता है।
  • ये होस्टिंग heavy traffic को हैंडल नहीं कर सकता।
  • इस होस्टिंग का सपोर्ट बहुत ही कम होता है।

(VPS) Virtual Private Server –

ये  होस्टिंग एक स्ट्रॉन्ग होस्टिंग होती है। इसमें आपको अलग अलग resource के हिसाब से आपको होस्टिंग प्रोवाइडर की तरफ से virtual server मिल जाता है। जिस को आप अपनी जरूरत के हिसाब से use कर सकते है। जितनी ट्रैफिक के हिसाब से आपको जरूरत हो, इस पर आपका full control होता है।

VPS WEB SERVER

ये अकेला आपका होता है। इसको आपको किसी से सांझा करने कि जरूरत नहीं होती है। ये एक फ्लैट के समान होती है। जहां पर हर चीज पर आपका कंट्रोल होता है। इसकी सिक्योरटी और परफॉर्मेंस अच्छी होती है। ये होस्टिंग shared के मुकाबले थोड़ी मेंहगी होती है।

VPS होस्टिंग के फायदे –

  • Vps होस्टिंग फास्ट होती है इसमें आप को full control दिया जाता है।
  • ये vps होस्टिंग ज्यादा ट्रैफिक हैंडल कर सकता है।
  • इसमें आपको टेक्निकल सपोर्ट अच्छा दिया जाता है।
  • VPS होस्टिंग में में आपको मेमोरी bandwidth को जब चाहे change कर सकते है।

VPS होस्टिंग के नुकसान –

  • इसको मैनेज करने के लिए आपके पास टेक्निकल knowledge होना चाहिए।

Dedicated Web Hosting –

ये होस्टिंग बड़ी ecommerce कंपनीज या heavy traffic वाली साइट्स use करती है। इस होस्टिंग में पूरा का पूरा एक सर्वर किसी एक वेबसाइट के लिए होता हैजिस पर पूरी websites का डाटा स्टोर रहता है। ये होस्टिंग एक महंगी होती है और इस का किराया अकेली एक ही वेबसाइट को देना होता है।

DEDICATED WEB SERVER

जो इस को use करती है। ये होस्टिंग का सर्वर इतना पावरफुल होता है। कि लाखों में ट्रैफिक हैंडल कर सकता है। जितनी भी बड़ी e commerce वेबसाइट्स है। ये सभी इसी होस्टिंग को use करती है।

Dedicate होस्टिंग के फायदे –

  • इस होस्टिंग में बहुत एडवांस फीचर मिलते है।
  • ये होस्टिंग मिलियन्स में ट्रैफिक हैंडल कर सकता है।
  • इस होस्टिंग का डाउनटाइम न के बराबर होता है।
  • डेडिकेट होस्टिंग में वेबसाइट की स्पीड बहुत फ़ास्ट रहती है, जो की वेबसाइट और यूजर के लिए फायदेमंद होती है।

Dedicate होस्टिंग के नुक्सान –

  • ये होस्टिंग दूसरी होस्टिंग के मुकाबले महंगी होती है।
  • इस होस्टिंग में अगर टेक्निकल कोई भी दिक्कत आती है। तो इसे अपने आप solve नहीं कर सकते,
  • इसको ठीक करने के लिए आपको एक अच्छा technician hire करना पड़ता है।
  • इस होस्टिंग का इंटरफ़ेस थोड़ा कॉम्प्लिकेटेड होता है। जिसको उसे करने के लिए अनुभव होना चाहिए।
  • नयी वेबसाइट के लिए ये होस्टिंग बहुत महंगा होता है, और थोड़ा उसे करना मुश्किल होता है।

 

Cloud Web Hosting –

आज के जमाने में अगर अच्छी और अंडर बजट की बात की जाए, तो cloud hosting एक अच्छा विकल्प है। इसमें दूसरे virtual server me resources को जरूरत के हिसाब से उस किया जाता है। ये होस्टिंग बहुत ही फास्ट होती है। और इस होस्टिंग में सर्वर बहुत कम डाउन होता होता है। जिस से आपकी वेबसाइट की परफॉर्मेंस और स्पीड अच्छी रहती है।

cloud web hosting

और ये ज्यादा मंहगी भी नहीं होती, cloud होस्टिंग ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक आसानी से हैंडल कर लेती है। इसमें ट्रैफिक लोड को balance किया जाता है। ऑटोमैटिक DigitalOcean की cloud hosting अच्छी होस्टिंग है। जो कि बहुत सस्ते दाम पर मिल जाती है। जिसमें 60 days के लिए आपको free में 100 डॉलर मिलते है।

Cloud Hosting के फायदे –

  • ये ज्यादा ट्रैफिक हैंडल कर लेती है। जिस से आपकी वेबसाइट की स्पीड अच्छी रहती है।
  • Cloud hosting में सर्वर down बहुत कम होता है।

Cloud Hosting के नुकसान –

  • इस होस्टिंग को manage करने के लिए आपके पास कमांड का knowledge होना चाहिए। क्यूंकि ये खुद ही मैनेज करनी पड़ती है।

Linux और window Hosting में क्या Difference है?

WINDOW HOSTINGLINUX HOSTING

एएसपी क्लासिक
एएसपी.नेट
एमएस एक्सेस (माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस)
एमएसएसक्यूएल (माइक्रोसॉफ्ट एसक्यूएल सर्वर)
सी#
विजुअल बेसिक डेवलपमेंट
रिमोट डेस्कटॉप (केवल समर्पित सर्वर)
एमएस एक्सचेंज और एमएस शेयरपॉइंट जैसे अतिरिक्त विंडोज एप्लिकेशन विंडोज समर्पित सर्वर द्वारा समर्थित हैं लेकिन आपको लाइसेंस खरीदने और इसे अपने सर्वर पर स्थापित करने की आवश्यकता है।
एसएसएच
पीएचपी/पर्ल
सीजीआई
फ्रंट पेज एक्सटेंशन
अपाचे मॉड्यूल को एप्लिकेशन या स्क्रिप्ट की आवश्यकता होती है।
सुरक्षा: आमतौर पर, लिनक्स सर्वर को अधिक सुरक्षित माना जाता है। लेकिन वास्तव में, यह ओएस के बजाय सेटअप और होस्टिंग सिस्टम प्रशासन पर अधिक निर्भर करता है।सुरक्षा: आमतौर पर, विंडोज सर्वर को लिनक्स सर्वर की तुलना में अधिक कमजोर माना जाता है, लेकिन वास्तव में, यह ओएस के बजाय सेटअप और होस्टिंग सिस्टम प्रशासन पर अधिक निर्भर करता है
सर्वर एक्सेस: एफ़टीपी एक्सेस (हार्ड ड्राइव से वेब सर्वर पर फ़ाइलों को स्थानांतरित करने की एक विधि) फ़ाइलों को लिनक्स और विंडोज दोनों द्वारा पेश किया जाता है। हालाँकि, बहुत कम होस्टिंग प्रशासकों द्वारा टेलनेट एक्सेस की पेशकश की जाती है।सेवर एक्सेस: फाइलों तक एफ़टीपी एक्सेस की पेशकश लिनक्स और विंडोज दोनों द्वारा की जाती है। लेकिन टेलनेट या एसएसएच एक्सेस आमतौर पर केवल लिनक्स द्वारा ही पेश किया जाता है।
कण्ट्रोल पैनल : Windows साझा और समर्पित सर्वर पर, Plesk नियंत्रण कक्ष का उपयोग किया जाता है।कण्ट्रोल पैनल :- cPanel या WHM (वेब होस्ट मैनेजर) का उपयोग Linux साझा, पुनर्विक्रेता, VPS और समर्पित सर्वर पर किया जाता है।

Linux एक ओपन source system है। जिसको use करने के हमे थोड़े पैसे देने पड़ते है। इसी लिए ये सिस्टम सस्ता होता है।
और window के लिए लाईसेंस के लिए हमें होस्टिंग कम्पनी को पैसे देने पड़ते है।

window vs linux

क्यूंकि इसका लाइसिस मंहगा होता है। लेकिन window server Linux के मुकाबले ज्यादा secure होता है। 80 से 90% ब्लॉग या वेबसाइट Linux server पर ही रहती है। क्यूंकि ये सस्ता होता है। और फीचर के ऑप्शन भी ज्यादा होते है।

CALCULATION

अंत में आप को  वेब होस्टिंग क्या है ? Web Hosting meaning in hindi के बारे में हमने इस ब्लॉग में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। फिर भी अगर कोई गलती रह गयी हो, तो आप कमेंट बॉक्स में सुझाव दे सकतें है। आपका फीडबैक हमारे लिए बहुत मह्त्वपूर्ण है। जिस से हम भविष्य अच्छी से अच्छी जानकारी लिख सकें।

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