Super computer क्या है ?और कैसे काम करता है। सुपर कंप्यूटर की जानकारी

 

Super computer क्या है ? सुपर कंप्यूटर ऐसा डिवाइस है। जो कि मौजूदा सभी कंप्यूटर की तुलना में सबसे ज्यादा फास्ट प्रोसेसिंग करता है। दोस्तों, जब भी कंप्यूटर की बात होती है। तो हमारे दिमाग में यह ख्याल आता है, कि कैसे मशीन जो बिना थके तेजी से और सटीक काम कर सके। लेकिन जब हम बात सुपर कंप्यूटर की होती है। तो एक बड़ा सा कंप्यूटर सामने आता है। जो पलक झपकते ही लाखों कैलकुलेशन आसानी से कर सकता है। सुपर कंप्यूटर पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। सुपर कंप्यूटर और नॉर्मल कंप्यूटर में जमीन आसमान का फर्क क्यों है? ऐसी कौन सी खासियत है। जो सुपरकंप्यूटर ही कर सकता है। और हमारा कंप्यूटर नहीं कर सकता। इस तरह के कई सारे सवाल आपके मन में होंगे। Super computer क्या है? यह सारे सवालों का जवाब मिल जाएगा।

SUPER COMPUTER KYA HAI ~ सुपर कंप्यूटर क्या है?

पुरी दुनिया में 223 सुपरकंप्यूटर है। जबकि भारत में इनकी संख्या सिर्फ 17 है। वहीं इनमें से 2 इंडियन सुपर कंप्यूटर की सूची में शामिल हुए हैं। हालांकि टॉप फाइव प्रोजेक्ट नाम की संस्था ने दुनियाभर के फास्ट ऑफ सुपर कंप्यूटर की लिस्ट जारी की है। जिसमें से भारत के 11 सुपरकंप्यूटर शामिल हुए हैं। बता दें, कि टॉप फाइव प्रोजेक्ट नाम की संस्था के बारे में कम्प्यूटर के बारे में आंकड़े इकट्ठे करती है।

यह संस्था हर 2 साल में हर देश के नए सुपर कंप्यूटर के बारे में डाटा इकट्ठा करती है। जो की दुनिया के सबसे तेज और नए कंप्यूटर के बारे डाटा इक्कठा करती है।ताकि दुनिया को ये बताया जाए, कि किस देश के पास कितने तेज सुपर कंप्यूटर्स है।

 what is super computer in hindi

वैसे तो, इसके नाम से ही पता चल जाता है। Super computer क्या है ? कि सुपर कंप्यूटर एक काम कंप्यूटर का सुपर वर्जन होगा और यह बात बिल्कुल सही है। सुपर कंप्यूटर ऐसा डिवाइस है। जो कि मौजूदा सभी कंप्यूटर की तुलना में सबसे ज्यादा फास्ट प्रोसेसिंग करता है। सुपर कंप्यूटर आमतौर पर प्रति सेकंड फ्लोटिंग प्वाइंट ऑपरेशन में मापा जाता है। जिसको हम FLOPS भी कहते हैं। सुपर कंप्यूटर 100 मेटा फ्लेक्स में दिखाया जाता है। सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत तेजी से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री मैं आमतौर पर होने लगा है।

सुपर कंप्यूटर का उपयोग 

शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी इसका उपयोग तेजी के साथ बढ़ रहा है। और रिसर्च संस्थान भी आज के समय में सुपर कंप्यूटर को महत्व दे रहे हैं। सुपर कंप्यूटर का उपयोग न्यूक्लियर वेपंस की टेस्टिंग के लिए भी किया जाता है। जो कि किसी भी टेस्टिंग के परिणाम बिल्कुल सही और तेज गति के साथ दर्शाता है। सुपर कंप्यूटर मौसम विभाग अर्थात वेदर फोरकास्टिंग के लिए भी किया जाने लगा है। जिस के आंकड़े लगभग सही पाए जाते हैं। इसके अलावा इंसानी डीएनए के टेस्ट के लिए भी सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक में भी सुपर कंप्यूटर में अच्छी जगह बनाई हुई है।

SUPER COMPUTER IN HINDI

सुपर कंप्यूटर दुनिया का सबसे विकसित और तेज कंप्यूटर है। जो बहुत सारी गणना और डाटा की कैलकुलेशन पलक जगते ही कर सकता है। सुपर कंप्यूटर नॉर्मल कंप्यूटर से गणना करने में कई गुना बेहतर होता है। जिसकी कंप्यूटिंग परफॉर्मेंस अधिक होती है। सुपर कंप्यूटर की परफॉर्मेंस को नापने के लिए flops फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशन पर सेकंड में मापा जाता है। सुपर कंप्यूटर हर सेकंड में लगभग करोड़ों पर हो या खरबों मैं किसी भी चीज का कैलकुलेशन बड़ी आसानी से कर सकता है।

जोकि एक नॉर्मल कंप्यूटर के बस की बात नहीं है। सुपर कंप्यूटर में आमतौर पर ट्रांजिस्टर का उपयोग होता है। supercomputer एक क्लस्टर मशीन होती है। जिसमें अलग-अलग कंप्यूटरों के बजाएं एक ही मशीन में कई तरह के बड़े और ज्यादा कैपेसिटी वाले प्रोसेसर का समूह विकसित किया होता है। इन कंप्यूटरों का कार नॉर्मल कंप्यूटर से कई गुना बड़ा होता है। जोकि कई फीट तक पहुंचे हो सकते हैं। और इनकी कीमत भी $500000 से मिलियंस डॉलर तक होती है। सुपर कंप्यूटर का उपयोग एक से अधिक user एक साथ कर सकते हैं।

तो चलिए, अब जानते हैं कि Super computer क्या है ?

दुनिया का सबसे पहला सुपर कंप्यूटर कब बना था?

सुपर कंप्यूटर की अगर बनाने की बात की जाए, तो यह किसी एक आदमी ने नहीं बनाया है। सुपर कंप्यूटर को बनाने के लिए बहुत से कंप्यूटर आविष्कार अर्थात कंप्यूटर इंजीनियर ने मिलकर बनाया था। जिसमें सबका अहम भूमिका थी अमेरिका ने 1976 में सुपर कंप्यूटर बनाया था। जिसका नाम अलियाक 4 था। तब वह अकेला सुपर कंप्यूटर नॉर्मल 60 कंप्यूटर के बराबर काम कर सकता था।

जब अमेरिका ने अपना पहला सुपर कंप्यूटर बनाया था। तब अमेरिका की एक प्रसिद्ध कंपनी cray कंप्यूटर बनाने में लगी हुई थी। दुनिया भर में इस कंपनी का कंप्यूटर की अच्छे डिमांड थी भारत ने भी 1980 में अमेरिका की कंपनी से सुपर कंप्यूटर खरीदना चाह था। लेकिन इस पर अमेरिका ने पाबंदी लगा दी थी।

 Bharat भारत ने पहला सुपर कंप्यूटर कब बनाया था?

भारत ने अपना सुपर कंप्यूटर बनाने के लिए मन बनाया और 11 साल की कड़ी मेहनत के बाद सन 1991 में भारत ने अपना पहला सुपर कंप्यूटर बनाया

भारत के सबसे पहले सुपर कंप्यूटर का क्या नाम था?

सबसे पहले भारत के  सुपर कंप्यूटर का नाम परम 8000 था।

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर किसने बनाया था?

सबसे पहले सुपर कंप्यूटर के निर्माता विजय भटकर हैं। डॉ विजय भटकर ने 1987 में सुपर कंप्यूटर बनाने के लिए पुणे सीडैक मैं सुपर कंप्यूटर बनाने की योजना में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद भारत में सुपर कंप्यूटर में परम 10,000 भी बनाया था।

दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर किस देश के पास है?

बहुत सी दुनिया के बहुत से देशों ने सुपर कंप्यूटर बनाए हैं। लेकिन सबसे तेज सुपर कंप्यूटर का खिताब  Fugaku सुपर कंप्यूटर के पास है। जोकि जापान के पास है जापान ने 2014 के बाद इस कंप्यूटर को बनाने के लिए काम शुरू कर दिया था। और 2020 में इस सुपर कंप्यूटर को दुनिया का सबसे तेज कंप्यूटर बनाया गया। इसकी कुल कीमत 1 बिलीयन डॉलर्स के करीब है। जो कि सब सुपर कंप्यूटर की कीमत से ज्यादा है।

सुपर कंप्यूटर के लिए सबसे अहम मुद्दा इनको गर्मी अर्थात हीट से बचाना होता है। क्योंकि सुपर कंप्यूटर आकार में बड़े होते हैं। और इन लगने वाले पार्ट्स जब यूज़ होते हैं, तो वे अधिक मात्रा में ऊर्जा से गर्मी पैदा करते हैं। जो कि एक दूसरे hardware को हमेशा के लिए खराब कर सकते हैं। इस गर्मी की परेशानी से बचने के लिए सुपर कंप्यूटर में heat management काम करता है। जैसे कि हाइड्रोलिक लिक्विड और एयर कूलिंग सिस्टम आदि काम करते हैं। ऐसी कंप्यूटर लगभग बिजली की ज्यादा खपत करते हैं। जिनसे इन सुपर कंप्यूटर्स में हिटिंग की प्रॉब्लम आती है। तो उन्हें सुचारू रूप से सक्रिय रहने के लिए ठंडा करने की जरूरत होती है।

तो चलिए, अब हम एक सुपर कंप्यूटर की गति के बारे में जान लेते हैं। सुपर कंप्यूटर की गति उस पर लगी ram और प्रोसेसर की संख्या पर निर्भर करती है। जितनी ज्यादा संख्या होगी सुपर कंप्यूटर होते ही तेज गति से कार्य करने में सक्षम होगा।

सुपर कंप्यूटर के प्रोसेसर:-

1 गिगाफ़लॉप्स – GIGAFLOPS

एक gigaflops सुपर कंप्यूटर प्रति सेकंड एक अरब फ्लोटिंग प्वाइंट ऑपरेशंस को दिखाने में निपुण है। इसकी गणना को मैच करने के लिए एक फ्लॉप्स सुपर कंप्यूटर सिस्टम एक सेकंड में इतनी गणना कर सकता है। जो जिसको आम इंसान के लिए कर पाना नामुमकिन है। अगर कोई आम इंसान सुपर कंप्यूटर की एक सेकंड की गणना को कैलकुलेट करना चाहे तो उस इंसान को 32 वर्षों के लिए हर सेकंड गणना करना होगी। जोकि सुपर कंप्यूटर सिर्फ 1 सेकंड में कर देता है।

2 Teraflops –

सुपर कंप्यूटर का एक टेराफ़्लॉप्स एक सेकंड में 1 ट्रिलियन फ्लोटिंग प्वाइंट ऑपरेशंस को दिखाने में सक्षम है। एक सुपर कंप्यूटर का एक टेराफ़्लॉप्स 1000 gigaflops के बराबर है। सुपर कंप्यूटर का एक टेराफ़्लॉप्स एक सेकंड में इतनी गणना कर सकता है। कि अगर उसको इंसान करना चाहे तो उसको इस गणना करने के लिए 32000 वर्षों तक हर एक सेकंड की गणना करनी होगी, जो कि किसी मनुष्य के लिए असंभव कार्य है।

3 Petaflops – पेटाफ्लोप्स

सुपर कंप्यूटर में petaflops लगे होते हैं। एक बेटा फ्लॉप्स एक हजार टेराफ़्लॉप्स के बराबर होते हैं। जोकि प्रति सेकंड अधिक मात्रा में गणना कर सकते हैं। आप सुपर कंप्यूटर के petaflops की गणना को इस प्रकार समझ सकते हैं। एक petaflops एक सेकंड में जितना कार्य कर सकता है। यह गणना कर सकता है। उसके लिए अगर मनुष्य गणना करना चाहे तो उसको तीन करोड़ 20 लाख वर्ष के लिए हर एक सेकंड का हिसाब रखना होगा।

4 Axaflops – एक्साफ्लोपस

Aur super computer में लगे एक एक्स फ्लॉप्स 1000 petaflops के के बराबर होता है। जोकि सुपर कंप्यूटर को किसी भी चीज को कैलकुलेट करने के लिए सबसे तेज गति प्रदान करता है। यह AXA flops एक सेकंड में इतनी गणना कर सकता है। कि अगर मनुष्य इसकी गणना करना चाहे तो उसको 32 अरब से भी ज्यादा वर्षों का समय लग जाएगा। जोकि असंभव है।

Super computer क्या है? सुपर कंप्यूटर के बारे में रोचक तथ्य इस प्रकार है।

super कंप्यूटर का उपयोग बड़े बड़े संस्थानों जैसे मौसम मौसम विभाग की जानकारी के लिए और परमाणु हथियार के परीक्षण आदि के लिए इन्हें सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।

सुपर कंप्यूटर की स्पीड को नापने के लिए इनमें लगे flops का इस्तेमाल होता है। जिसको हम फ्लोटिंग प्वाइंट ऑपरेशन पर सेकंड के हिसाब से नाते हैं। यह गणना करते हैं।
सुपर कंप्यूटर एक विभिन्न प्रकार के मल्टिप्रोसेसर का एक समूह होता है। क्योंकि इसमें उपयोग होने वाले बहुत सारे उपकरण होते हैं। जैसे कि गीगा फलॉपस, मेगा फ्लोपस, टेराफ्लपस, और पेटाफ्लॉपस इतियादी।

SUPER COMPUTER IN HINDI

2007 में किए गए सर्वे के मुताबिक 500 सुपर कंप्यूटर की top 10 सूची मैं भारत चौथे स्थान पर आया है। जोकि अपने देश के लिए गर्व की बात है।

भारत में सन 1998 में परम 10000 सुपर कंप्यूटर बनाया था। जो कि अमेरिका की 50 super computer से भी तेज था।

सुपर कंप्यूटर को तेज गति आधुनिकरण करने का श्रेय Saymour cray को जाता है। जिन्होंने सुपर कंप्यूटर की अनेकों खामियों को दूर करके इसमें नवीनीकरण आने की अहम भूमिका निभाई थी।

सुपर कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर लगे होते हैं। जोकि सुपर कंप्यूटर का अहम भाग माना जाता है। इनकी वजह से सुपर कंप्यूटर तेज गति प्रदान करते हैं। आज के सुपर कंप्यूटर में हजारों प्रोसेसर लगे होते हैं। जो प्रति सेकंड अरबों और ट्रिलियन में गणना कर सकते है।

जापान ने अपना सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बनाने की शुरुआत 2013 में शुरू कर दी थी और 13 मई 2020 को जापान ने अपना सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बनाकर तैयार कर लिया था। जिसका नाम था। फुगाकू जून 2020 में Fugaku दुनिया 500 सुपर कंप्यूटर की सूची में सबसे पहला स्थान पाकर दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बन गया

तो दोस्तों इस लेख के माध्यम से आपने सुपर कंप्यूटर के बारे में जानकारी प्राप्त की है। अगर इससे संबंधित आपका कोई प्रसन्न हो तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

 

 

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