Quantum computer क्या है | ये कैसे काम करता है। Quantum computer के लाभ

Quantum computer क्या है आज का दौर एक कंप्यूटर का दौर है इतिहास गवाह है कि पुराने समय से ही कंप्यूटर के अधिनिकरण पर जोर दिया गया। समय समय पर कंप्यूटर के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर कि नहीं से पीढ़ी को बनाया है। लेकिन आज का युग इतना तेज़ हो गया है कि कुछ समय पहले विकसित हुए कंप्यूटर अब छोटे और कमजोर लगाने लगे है। आज के समय में हर बहुत सारे इसे काम है

जिनको हम नॉर्मल कंप्यूटर से नहीं कर सकते जैसे बड़े बड़े रिसर्च अनुसंधान, बड़े डाटा का काम जिसमें हमें कंप्यूटर कि गणना करने की सटीकता और गति दोनों चाहिए अब आने सके भविष्य के लिए नए और बड़े कंप्यूटर पर काम चल रहा है। जिससे मानव जगत के लिए कंप्यूटर कि दुनिया में नया कीर्तिमान हासिल होगा। आपने इसे है बारे और भविष्य में आने वाले कंप्यूटर्स के बारे में पढ़ा या सुना होगा। जिसका नाम है, quantum computer

ये कंप्यूटर भविष्य के होने वाले सबसे एडवांस और तेज़ कंप्यूटर में शामिल होगा। जो की कुछ वर्षो में बनकर त्यार हो जाएगा और जैसे जैसे तकनीक बढ़ेगी। ये कंप्यूटर सस्ते और साइज में छोटे भी ही जायेगे। जिसको योग्य व्यक्ति भी खरीदने कि अहसियत रखेगा। जिस पर गूगल सटीकता से काम कर रहा है

Quantum computer क्या होता है?

Google ने ये दावा किया है कि 10000 साल के काम को 200 सेकंड में करेगा उनका यह नया प्रोसेसर तो पहले हम प्रोसेस के बारे में अच्छे से जानते हैं कि आपको कौन कंप्यूटर को समझने में और भी ज्यादा आसानी होगी और यह कैसे काम करते हैं
क्या होते हैं और यह कैसे काम करते हैं प्रोसेसर को आप यूज कर सकते हैं

आप उदहारण के तौर पर समझिए हर कम्प्यूटिंग device में  प्रकार की चिप होती है जो हमारे स्मार्टफोन टैबलेट लैपटॉप या कंप्यूटर में लगी होती है और यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के कॉन्बिनेशन से काम करता है मतलब device और उसमे चलने वाले  सॉफ्टवेयर के बीच होने वाली सारी गतिविधियों को समझता है। मान लीजिए हमने कीबोर्ड से कोई कमांड दी उसके बाद जो प्रोसेस होता है, वह प्रोसेसर की मदद से ही प्रोसेस हो पाता है।इसमें प्रोसेसर कंप्यूटर का दिमाग (ब्रेन) भी जाता है।

आप ये भी सकते हैं, कि स्मार्ट फोन और कंप्यूटर दोनों में प्रोसेसर लगे होते हैं अगर हम दोनों में से प्रोसेसर को निकाल देते हैं तो यह दोनों डिवाइस कोई काम का नहीं रहेगा, जैसे इंसान के पास दिमाग होता है। और इस दिमाग को किसी भी तरह से निकाल दिया जाए तो इंसान कोई काम का नहीं रहेगा नहीं हो सकता है। और ना ही वह कुछ कर सकता है। उसी तरह  प्रोसेसर के साथ भी यही चीज लागू होती है कंप्यूटर से निकाल दिया जाए कोई भी काम का नहीं होगा।

कंप्यूटर आमतौर पर 2 प्रकार के होते है।

CC – यानी कॉमर्शियल कंप्यूटर जिनको आमतौर पर हम अपने नॉर्मल कामों, जैसे घर पर, ऑफिस में, स्कूल में, या किसी कंप्यूटर सेंटर में कंप्यूटर सीखने और काम करने के लिए होते है।

QC – Quantum Computer – ये भविष्य के में आने वाले कंप्यूटर्स है।जिनकी मदद से बड़े से बड़े काम को आसानी से किया जाएगा। आपको पता होगा कि आने वाला समय इतना तेज होगा। जिसमे कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक भी विकसित होगी। जिसमे क्वांटम कंप्यूटर की अहम भूमिका होगी।

Qc quantum computer

क्लासिक कंप्यूटर के बारे हम आज विस्तार पूर्वक चर्चा करेंगे। कि इसमें क्या खास बात है, और ये कैसे काम करता है

Quantum Computer kya hai | क्वांटम कंप्यूटर क्या है ?

क्लासिक कंप्यूटर में जो डाटा होता है वह 0 या 1 के फॉर्मेट में होता है आपको जानकर यह हैरानी होगी कि कंप्यूटर के बैक एंड में जो लैंग्वेज काम करती है वह 0 या 1 होती है। क्योंकि कंप्यूटर इंग्लिश लैंग्वेज को नहीं सपोर्ट करता। कंप्यूटर में जितने भी अंग्रेजी अक्षर होते हैं A से लेकर Z तक कंप्यूटर उन अक्षरों को नहीं समझता कंप्यूटर सिर्फ बैनरी नंबर को समझता है। इसीलिए इसे बैनरी कंप्यूटर भी कहा जाता है। बेनरी नंबर हमेशा 0 से 1 के फॉर्मेट में होता है जिसको हम बिट्स कहते हैं कंप्यूटर इजी बिट्स भाषा को समझता है। कि कौन से डाटा के लिए प्रोसेसिंग हो रही है। क्लासिकल कंप्यूटर में 0 और 1 की 4 possibilities हो सकती है, जैसे

quantum computer qubits

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क्लासिकल कंप्यूटर में इन्हीं डिजिट के फॉर्मेट से प्रोसेसिंग होती है। पर अब आपको यह लगता होगा, कि जब हम कीपैड पर ए लिखते हैं, तो कंप्यूटर को कैसे पता लगता है, और computer A अक्षर को प्रोसेस भी करता है। आप की जानकारी के लिए हम बता देते हैं कि कंप्यूटर ए अक्षर को पढ़ने के लिए डिजिट फॉर्मेट को फॉलो करता है। कंप्यूटर अक्षर के लिए डिजिट फॉर्मेट 01100001 डिजिट को फॉलो करता है।

अब बात करते हैं क्वांटम कंप्यूटर के बारे में

Quantum computer –

एक तरह का भविष्य में उपयोग होने वाला कंप्यूटर है। जो कि ये quantum computer qubits के आधार पर कार्य करता है। जैसे की क्लासिक कंप्यूटर बिट्स के फॉरमैट पर कार्य कर है। बिट्स एक ऐसा फॉरमैट होता है। जिसकी मापन अवधि 0 से 1 होती है। जो इसी के आधार पर काम करता है। ये अवधि एक समय में एक ही होती है, या तो 1 होगी या फिर 0 होगी लेकिन quantum computer एक ही समय में 0 से 1 तक अधिक सीमाओं तक मापन कर सकता है। जिस से क्वांटम कंप्यूटर की परफॉर्मेंस अच्छी रहती है। जो कि up एंड down होगी या फिर एक ही समय में दोनों हो सकती है।

Quantum computer के लाभ

ये कंप्यूटर आज के दौर से काफी तेज कंप्यूटर होंगें जो 1 ही सेकंड में अरबों का कैलकुलेशन कर देंगे।आने वाले समय में बड़े research संस्थानों में इसका उपयोग रहेगा। क्यूंकि ये कंप्यूटर किसी भी खोज के बारे में सटीक आंकड़े देने में सक्षम होंगे।
इन कंप्यूटर में ऊर्जा की खपत कम होगी। क्योंकि ये साइज के तौर पर काफी छोटे होंगे और स्टोरेज स्पेस में आसानी होगी।
ये कंप्यूटर भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक में पूरे सक्षम होगे जो की फास्ट गणना के तौर पर विकसित होंगे।
भविष्य में इनका उपयोग न्यूक्लियर प्लांटों में भी हो सकता है। क्योंकि ये कंप्यूटर किसी भी परीक्षण का एक दम सही आंकलन करने में विकसित होंगे।

 

 

 

 

 

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