पिरामिड के रहस्य ।गीजा के पिरामिड। पिरामिड क्या है। Pyramid

पिरामिड के रहस्य प्राचीन काल से ही विश्व एक से एक अद्भुत और रहस्यमई चीजों के लिए एक अपना का स्थान बनाए हुए हैं।संसार में ऐसी बहुत सी ना जाने इतनी ऐतिहासिक और दुर्लभ चीजें हैं। जिनका रहस्य आज भी अनसुलझा बना हुआ है। जिसको बताने के लिए किसी के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। सिर्फ प्राचीन काल से चली आ रही बातों के आधार पर है। इन संसार में ऐसी बहुत सी चीजें बनी है जिनको बने सदियां बीत गई है।

और वह आज भी अपने पहचान बनाए हुए हैं। जिन में जिनमें प्राचीन काल के महल किले और कुछ ऐसी इमारतें हैं। जिनको बने कई हजारों साल हो चुके हैं। आज हम ऐसी एक रहस्यमई इमारतों के बारे में बात करेंगे। जिनको हम पिरामिड कहते हैं। और यह गीजा के पिरामिड के नाम से भी मशहूर हैं।

जोकि मिश्र के इजिप्ट में बनी हुई है। और यह पिरामिड आज भी विज्ञान के लिए एक अनसुलझी हुई पहेली के रूप में उभर कर आते हैं। जिनका सटीक जवाब किसी भी के पास नहीं है। कि इनको उस वक्त कैसे बनाया होगा और यह उस वक्त की बनी हुई पिरामिड आज तक कैसे अपना वजूद बचाए हुए हैं। तो चलिए, आज हम इजिप्ट के पिरामिड के बारे में आपसे विचार साझा करेंगे।

(पिरामिड) pyramid के अद्धभुत रहस्य। गीजा के पिरामिड। पिरामिड क्या है

आपने बहुत सी कहावतें सुनी होगी लेकिन कुछ कहते हैं। ऐसी होती है। जो समय के साथ कभी नहीं बदलती और समय के लिए एक निशान हमेशा के लिए छोड़ देती है। ऐसी ही कहावत अरबी में इन पिरामिड के बारे में कही गई है। जोकि इस प्रकार है। ( इंसान समय से डरता है और समय पिरामिड से डरता है )

अब यह कहावत किस आधार पर कहीं गई है। अब आप इन पिरामिड के बारे में जानकारी से समझ जाएंगे।

पिरामिड क्या है? what is pyramid in hindi?

पिरामिड एक तरह प्राचीन काल में बनी उचीं इमारते होती है। जो बहुत साल पहले की बनी हुयी होती है। जो विशाल कए पत्थरों से बनी होती है। ये इमारते आज से कई हज़ारों साल पहले से बनी हुयी है। आज आज भी अपने इतिहास के वजूद को बरकरार रखे हुए है। इन पिरामिड को प्राचीन काल के राजाओ को दफ़नाने के लिए बनाया जाता था। ऐसा इतिहास के खोजकर्ताओं द्वारा बताया गया है।

दुनिया के प्राचीन सात अजूबों में से सिर्फ गीजा का यह महान पिरामिड ही है। जो पिछले 4500 साल से वक्त की मार खेलते हुए आज भी खड़ा है। वक्त भी इसे मिटा नहीं सका इजिप्ट के पिरामिड को बने 45 सदियां बीत चुके हैं। लेकिन आज भी यह बात एक रहस्य है। कि उस जमाने में इतने विशाल पिरामिड आखिर कैसे बनाए होंगे। क्यूंकि उस वक़्त ना तो कोई तकनीक थी और नाही औजारों की खोज हुई थी।

पिरामिड कहाँ पर है? where is pyramid in hindi?

पिरामिड मिस्र के गीजा शहर में बने हुए है। और ये दुनिया के लिए एक अजूबे के रूप में उभर कर आये है।

आज हम आपको पिरामिड से जुड़ी  ऐसी बातें जानोगे शायद ही आपने पहले कभी सुनी होंगी।

यह सोच पाना भी मुश्किल है। कि साढे 4000 साल पहले बिना किसी टेक्नोलॉजी और फैसिलिटी इसके इतने बड़े पिरामिड कैसे बनाए गए होंगे। उस वक्त ना तो लोगों के पास मॉडर्न मशीनरी थी। ना ही क्रनेस थी। ना ही आज के समय के औजार थे। ना ही बड़ी गाड़ियां थी। जिन से भराई समान धोया जा सके और ना ही बिजली थी। यहां तक की उस वक्त तो लोहे की भी खोज नहीं हो पाई थी। जिसका इस्तेमाल वह पत्थर काटने के लिए कर सकते।

पिरामिड के बारे में आम तौर पर ऐसा कहा जाता है। पिरामिड के रहस्य प्राचीन इजिप्ट के राजाओं की कब्रों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था। प्राचीन इजिप्ट के लोग यह मानते थे। कि मौत के बाद एक नई जिंदगी मिलती है। सो मृत्यु के बाद उनके शव के साथ जरूरत की सारी चीजों और खजाने को भी दफनाया जाता था।

mummyfication in pyramid

राजाओं के शवों को सुरक्षित रखने के लिए शवों को मम्मी बनाकर दफनाया जाता था। ताकि शव खराब ना हो प्राचीन इजिप्शियन लोगों का यह विश्वास था। कि सबका ममीफिकेशन करने से मरने वाले को सुरक्षित तरीके से पुनर्जन्म तक पहुंचा जा सकता है। ममीफिकेशन का प्रोसेस तरीकों से पूरा होता था। मृतक के शरीर को सड़ने से बचाने के लिए उस पर विशेष प्रकार का लेप लगाया जाता था। उसके बाद शरीर को कपड़ों से लपेट कर दिया जाता था। यहां तक कि इस बात के भी कई प्रमाण मिले हैं। कि प्राचीन मिस्र के लोग ना केवल इंसानों को बल्कि जानवरों को भी मम्मी बनाकर दफनाते थे।

pyramid

वैसे तो मिस्र में अब तक 138 पिरामिड खोजे जा चुके हैं। लेकिन मिस्र के गिरजा शहर में मौजूद ये तीन पिरामिड सबसे प्रसिद्ध हैं। और इन तीनों में से जो सबसे बड़ा और सबसे पुराना पिरामिड है। यही दुनिया के प्राचीन सात अजूबों में शामिल था। इसे ही गीज़ा का महान पिरामिड कहा जाता हैै। फू  और इसे खुफू का पिरामिड भी कहा जाता है। क्योंकि इसे इजिप्ट की फोर्थ डायनेस्टी के राजा खुफु ने अपनी कब्र के लिए बनवाया था।

ताकि उनके मरने के बाद उन्हें वहां दफनाया जा सके। प्राचीन मिस्र के राजाओं को फेरों कहा जाता है। मिस्र के राजा पहले इतिहास में कब्रों के मामले में शव को दफन कर सुरक्षित रखने का प्रयास करते थे। दूसरा पिरामिड राजा खुफु के बेटे खाफ़्रे ने अपनी कब्र के रूप में बनवाया था। और इसलिए इसे खाफ्रे का पिरामिड कहा जाता है। और यह स्टेच्यू भी इसी पिरामिड का हिस्सा है इसे स्प्रिंग्स कहते हैं। यह एक रहस्य मई काल्पनिक मूर्ति है। जिसका धड़ तो एक शेर का है। और सर इंसान का है प्रिंस को ऐसे खड़ा किया गया है। मानो यह पिरामिड की पहरेदारी कर रहा हो।

पिरामिड का ख़राब होना

तीसरा पिरामिड तीनों में सबसे छोटा है। इसे मेन कायरे का पिरामिड कहा जाता है। और यह कहा जाता है कि इसे राजा मैन कायरे की कब्र के रूप में बनाया गया था। आर्कियोलॉजिस्ट मानते हैं कि राजा मेन कायरे मिस्र के राजा खाफरे का उत्तराधिकारी था। महान पिरामिड दुनिया का सबसे पहला अजूबा है। और सात अजूबों में सबसे पुराना है। बाकी के 6 अजूबे वक्त की मार नहीं झेल पाए। सिर्फ गिरजा का यह महान पिरामिड ही है जो इतना प्राचीन होने के बावजूद आज भी अस्तित्व में है। इसका सदियों पुराना इतिहास और इसकी बनावट आज भी सभी को हैरान करती है।

गीज़ा के महान पिरामिड को जब बनाया गया। तो यह 480 फीट ऊंचा था। लेकिन हजारों साल में हवा और बारिश द्वारा किए गए रोशन की वजह से पिरामिड ने ऊपर से लगभग 31 फीट की ऊंचाई को खो दिया है। और आज इसकी ऊंचाई 449 फीट रह गई है।

कैसे इतने भारी पत्थर को 481 फीट की ऊंचाई तक पहुंचाया गया होगा। जहां एक एक पत्थर का वजन कई टन है। और इतनी बड़ी परियोजना को सिर्फ 22 साल में अंजाम दिया गया। इंजीनियर से मानते हैं कि आज इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी होने के बावजूद भी ऐसा ही एक दूसरा पिरामिड बना पाना नामुमकिन है। गीज़ा का महान पिरामिड बनाने में 2400000 पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। कैसे इतने भारी भरकम पत्थर को एक के ऊपर एक रखा गया होगा। रिसर्चस आज भी यह जानने के प्रयास में जुटे हैं कि कैसे उस जमाने में इस असाधारण काम को अंजाम दिया गया होगा।

पिरामिड का इतिहास 

गीजा का यह महान पिरामिड आरती 100 सालों तक इंसानों द्वारा बनाया गया। दुनिया का सबसे ऊंचा स्मारक रहा। लेकिन सन 1311 में जब इंग्लैंड में लिंकन गिरजाघर बनकर तैयार हुआ तो पिरामिड का यह रिकॉर्ड टूट गया। लिंकन गिरजाघर की ऊंचाई 482 फीट थी।

12 वीं सदी के अंत में इजिप्ट के सुल्तान अल अजीज ने गीजा के पिरामिड से को ध्वस्त करने की कोशिश की थी। खुशकिस्मती यह रही, कि उसने हार मान ली क्योंकि यह काम बेहद मुश्किल था। जिन कामगारों को एलर्जिस ने यह काम सौंप रखा था। उन्होंने 8 महीने तक पिरामिड को नष्ट करने की कोशिश की लेकिन वह 1 दिन में सिर्फ एक या दो पत्थर बड़ी मुश्किल से निकाल पाते थे। और आखिर उन्होंने हार मान ली हालांकि उनकी कोशिश ने मेन काये के पिरामिड पर बड़ा गड्ढा छोड़ दिया था।

जैसा के महान पिरामिड का वजन लगभग 5650000 टन है। और अगर आप किसी और इमारत से इसकी तुलना करना चाहते हैं। तो इस वक्त दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा का वजन केवल 500000 टन है। कुछ लोगों का यह भी कहना है। कि गिजा के पिरामिड गुलाम और कैदियों द्वारा बनाए गए थे। लेकिन मॉडर्न डिस्कवरी से पता चला है। कि जिन मजदूरों से पिरामिड्स को बनवाया गया था। उनको पगार दी जाती थी। और उस के साथ कोई जातती नहीं होती थी।

Structure of Pyramid

4500 साल बीत जाने के बाद भी आज अगर इजिप्ट के पिरामिड सही सलामत है। तो इसकी एक वजह यह है कि पत्थर को जोड़ने के लिए उस वक्त एक ख़ास किस्म के प्लास्टर का उपयोग किया गया था। जिसकी मजबूती आज भी बरकरार है। जिसने पिरामिड को मजबूत बनाए रखा है।

गीजा के ग्रेट पिरामिड को इस तरीके से बनाया गया है। कि बाहर बेहद गर्मी पड़ने के बावजूद भी पिरामिड के अंदर का तापमान हमेशा 20 डिग्री सेल्सियस के बराबर रहता है। और ये तापमान ठंड में भी वातावरण के अनुकूल रहता था।

गीजा के पिरामिड दुनिया की सबसे लंबी नदी नील नदी के पश्चिम तट पर मौजूद है। यह अनुमान लगाया जाता है। कि गीज़ा का महान पिरामिड बनाने के लिए 5000000 का लाइमस्टोन 9000 टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। आर्कियोलॉजिस्ट मानते हैं कि जाके ग्रेट पिरामिड का निर्माण 22000 कुशल कारीगरों द्वारा किया गया था। जिनमें आर्किटेक्ट इंजीनियर बिल्डर्स सर्वेक्षक राजमिस्त्री और शिल्पकार रहे होंगे। जो की अपने उस वक्त के काम में कुशल होगे।

Old Papyrus

2014 में आर्कियोलॉजिस्ट को इजिप्ट की वादी अल जरफ की गुफाओं में 4500 हजार साल पुराना पपायरस मिला। जिस पर हाइलाइटेड लिपि में लिखा हुआ था। पुराने समय में इसी से कागज बनाने का ऐसा मेटेरियल बनता था। और उसी पर लिखा जाता था। यह अब तक का पाया गया सबसे पुराना पपाइरस है। और 4500 साल पहले तभी से लिखा गया था। जब राजाओं का शासन था। और गीज़ा के महान पिरामिड का निर्माण हो रहा था। इस पर लिखा हुआ यह दर्शाता है। कि हजारों मजदूरों ने लाखों टर्न लाइमस्टोन को दोहरा की खदानों से यहां तक पहुंचाया गया था। यह पपाइरस इजिप्ट की राजधानी कायरो के म्यूजियम में रखा है। जिसमे पिरामिड का रहस्य छुपा हुआ है।

पिरामिड के कुछ अनसुलझे तत्थ

1इतिहास कार मानते है। कि पिरामिड राजाओं को दफनाने का स्थान होता था। लेकिन अब तक किसी भी pyramid से कोई भी ऐसी चीज बरामद नहीं हुई को की वो इस बात का पुख्ता सबूत हो।

2 इन pyramid में बहुत से भारी पत्थर लगाए गए है। जिनसे ये pyramid को बनाया गया था। लेकिन अगर उस वक़्त की बात करें तो ये तथ्य आज भी उलझा हुए है कि इतने बड़े और भारी पथर को कैसे उठाया होगा। क्योंकि ये बात करीब 4500 साल पहले की है। और उस वक़्त किसी भी तकनीक और औजारों का आविष्कार नहीं हुआ था।

3 गिजा के पिरामिड आज से तकरीबन 4500 साल पहले के बनी हुई है। अब हैरान कर देने वाली बात यह है। कि यह पिरामिड इतने मजबूत और विशाल कैसे बनाए थे। जोकि कितनी सदियां बीतने के बाद भी अपना वजूद बचाए हुए हैं। जिनको नष्ट करने की कुछ राजाओं द्वारा बहुत कोशिश की गई ना जाने उस वक्त की कौन सी तकनीक और मटेरियल के साथ यह पिरामिड का निर्माण किया गया था।

4 इन पिरामिड को प्राचीन काल में शवों को मम्मी फिकेशन करके रखा जाता था। जोकि प्राचीन काल के इतिहासकारों ने बताया है। लेकिन इन pyramid मे हुई जांच पड़ताल के बाद कोई भी शव के अवशेष हासिल नहीं हुए जोकि आज भी एक रहस्य के विषय बने हुए हैं।

तो दोस्तों, आज आपने मिस्र शहर गीजा के पिरामिड के रहस्य के बारे में जाना है। कि वो कैसे बने और आज तक भी वो इतने साल बीत जाने के बाद कैसे खड़े है। अगर आपका कोई भी सुझाव हो।तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखिए।

2 thoughts on “पिरामिड के रहस्य ।गीजा के पिरामिड। पिरामिड क्या है। Pyramid”

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