हवाई जहाज कैसे उड़ता है? : हवाई जहाज का आविष्कार किसने किया : [Hawai Jahaj]

हवाई जहाज कैसे उड़ता है?। हवाई जहाज का आविष्कार किसने किया। हवाई जहाज उड़ने की तकनीक। हवाई जहाज कितनी ऊंचाई पर उड़ता है | हवाई जहाज में कितने इंजन होते हैं | 

हवाई जहाज कैसे उड़ता है ? ये प्रश्न हमेशा ही बचपन से हर इंसान के में आया होगा, हम बचपन में थे तब यही सोचते थे, कि इतना बड़ा और भारी जहाज हवा में कैसे उड़ता है। और बहुत से लोगो के लिए ये एक पहेली बनी है। जिन को इसके उड़ने के सिद्धांत के बारे में नहीं पता होगा, तो चाहिए आज हम समझते है। कि हवाई जहाज कैसे उड़ता है?

हवाई जहाज कैसे उड़ता है ?

हवाई जहाज के उड़ने के लिए कई तरह के सिंद्धांत काम करते है। और साथ ही अलग अलग तरह के लगे पार्ट्स अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। हवाई जहाज को हवा में कण्ट्रोल करने के लिए कई प्रकार फाॅर्स का प्रयोग किया जाता है। जिस से की हवाई जहाज की दिशा को घुमाया या मोड़ा जा सकता है। ये बल इतना शक्तिशाली होता है। इसको आप इस से समझ सकते है , की इतने भरी और विशालकाय जहाज को ऊपर हवा में कैसे इतनी तेज़ गति के साथ उड़ाया जाता है।

अब हम आपको हवाई जहाज कैसे उड़ता है ? इसके सिद्धांत और लगने वाले हर प्रकार के फाॅर्स के बारे में बताएँगे। और इस पूरी कार्यशैली में उसे होने वाले सभी पार्टसो की अहम् भुमका और कार्यप्रणाली के बारे में बताएँगे। जिस से कि आप को पता लग सके और आप समझ सके कि हवाई जहाज कैसे उड़ता है या एयरोप्लेन कैसे उड़ता है।

हवाई  जहाज के पीछे साइंस के कुछ मुख्य सिद्धांत का हाथ होता है। जिसमे कई तरीके यंत्र अपनी कार्यशैली को ऑपरेट करते है। जिनके बारे में विस्तारपूर्वक नीचे बताया गया गया।

हवाई जहाज के मुख्य पार्ट्स और फोर्सेज का सिंद्धांत

हवाई जहाज के मुख्य पार्ट्स और फोर्सेज का सिंद्धांत इस प्रकार है।

थ्रस्ट फाॅर्स

जब हम देखते है, की जहां कुछ ही मिनटों में 500 kmh की गति पकड़ लेता है। जिसका मुख्य सिद्धांत force होता है। और इस force  जहाज को आगे धकेलने के लिए प्रयोग किया जाता है। इस force को jet Engine के द्वारा पैदा किया जाता है। ये एक मेटल कि ट्यूब नुमा इंजन होता है। और आगे की तरफ एक गोल kor फिट होती है।

हवाई जहाज कैसे उड़ता है

जब है। इंजन की टरबाइन घूमती है, तो उसके साथ कोर भी उतनी ही रफ्तार से घूमती है। जो इंजन के आगे से हवा को खींचती है। और पास करके पूरे जोर के pressure से पीछे से निकलती है। इस हवा का प्रेशर इतना अधिक होता है, कि ये इतने विशाल जहाज को आगे धकेलती है। जिस से जहां कुछ समय में तेज़ गति पकड़ लेता है। ये सारा काम टर्बो इंजन के द्वारा होता है जिसको हम जेट इंजन भी कहते है।

टर्बो फैन –

टर्बो फैन इंजन के मुख्य 4 भाग होते है जो thrust force को पैदा करते है। ये एक तरह का बड़ा पंखा होता है। जो इंजन के सबसे आगे लगा होता है। ये टाइटेनियम धातु से बना होता है। और बहुत मजबूत होता है। ये फैन हज़ारों किलो हवा को अपने अंदर खींच सकता है।

hwai jahaj kaise udta hai

 

टर्बो फैन दो रास्तों से हवा को पीछे भेजता है। एक सीधा इंजन को जाती है, और एक टरबाइन की तरफ जाती है। bye paas air का काम पीछे इंजन को ठंडा रखना होता है, और दूसरे रास्ते से फेंकी गई हवा जहाज को thrust force पैदा करके आगे ढकलती है।

कंप्रेसर ब्लेड्स –

turbine

 

इन का काम आगे से आती हवा को दबाने का होता है। इस compressor में छोटे छोटे ब्लेड लगे होते है। जो हवा को दबा कर उसका volume बड़ा देते है। जिस से इंजन म हवा का दबाव स्थिर रहता है। और इंजन हवा की गति को सुचरू रूप से पीछे धकेल कर जहाज को आगे बढ़ने में मदद करता है।

कब्स्टन चैम्बर –

इस चैंबर में ईंधन को जलाया जाता है। इस चैंबर में हवा को fuel के साथ मिलाया जाता है। ताकि इंजन के अंदर फ्यूल बर्न हो सके। जिस से इंजन ठीक प्रकार से गति प्रदान कर सके इंजन के घूमने से जहाज के सारे उपकरण चलते है। जिनका जहाज को कार्यशील बनाने के दौरान उपयोग होता है।

 

जेट टरबाइन –

aircraft turbine

 

टर्बाइन जेट इंजन का मुख्य भाग होता है। जिसके साथ इंजन के सारे पार्ट जुड़े होते है। जब आगे से टर्बो फैन से हवा खींचती है। तब हवा घर्षण के कारण बहुत गरम हो जाती है। जिसको टरबाइन मैं पहुंचाया जाता है। जिस से टर्बाइन की घूमने कि गति बहुत अधिक हो जाती है। जिस से हवा को ज्यादा से ज्यादा Compressor के साथ खींचा जाता है।

ड्रैग फाॅर्स –

बात करते है, जहाज के चलते वक्त उस पर लगने वाले घर्षण बल की एक बात आमतौर पर है। जब कोई चीज़ आगे जाती है। तब हवा का दबाव उस चीज को आगे बढ़ने में रुकावट पैदा करता है। ये ही बल जहाज को भी रुकावट देता है, परन्तु जेट इंजन का दबाव इतना अधिक होता है। जहाज को आगे धकेलने का की वो घर्षण बल का दबाव उसके सामने काम हो जाता है। जिस से की जहाज आगे की तरफ हवा में गतिशील रहता है।

वेट फाॅर्स –

पृथ्वी पर जब भी कोई वस्तु हवा में जाती है। तो गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी उस वस्तु को अपनी और खींचती है। ये ही नियम जहाज पर भी लागू होता है। पर कभी आपने सोचा, कि इतना विशाल काय जहाज बिना पायलट की अनुमति के नीचे क्यूं नहीं आता। जहाज को हवा में स्थिर रखने के लिए जहाज में wings लगाए जाते है। जब जहाज गति पकड़ने लगता है। जब पायलट द्वारा जहाज के wings को तिरछा कर दिया जाता है। जिस से हवा का दबाव जहाज को उपर की तरफ उठा कर रखता है। और ये हवा का दबाव पृथ्वी के गुरूत्वाकर्ष बल से ज्यादा होता है। जिस से जहाज उड़ता है।

लिफ्ट फाॅर्स –

Plane जब गति में चलता है। wings के जरिए जहाज को उपर हवा में उठा कर रखा जाता है। जिसको हम लिफ्ट फोर्स कहते है। इसी lift force के साथ जहां को निर्धारित दिशा में भी मोड़ा जा सकता है। और ये जहाज को मोडने वाले wings back में होते है।

जहाज का आविष्कार किसने किया था?

जहाज का आविष्कार Orville और Wilbur wright दो भाइयों ने मिलकर किए था।

ये बात तब की की जब वो दोनो भाई बचपन को बिता रहे थे। तब उनके पिता ने उनको खेलने के लिए हेलीकॉप्टर नुमा एक छोटा सा खिलौना दिया। write brother बचपन से ही कलपना शील थे। वो उस खिलौने से तब तक खेले जब तक वी टूट ना गया। उसके बाद उन्होंने एक हेलीकॉप्टर बनाया, जिसके साथ उन्हें इस उड़ाने का एक सपना देखा।

1900 में wright brother ने एक ग्लाइडर बनाया, जो दिखने में पतंग के जैसा दिखता था। 17 December 1903 का वो दिन wright brothers के लिए महत्वपूर्ण दिन था। उसी दिन दोनों भाइयों ने 3 उड़ाने भारी जो की सफल हुई, जिसका नाम wright flyer रखा था।

इनकी पहली उड़ान 130 फीट की थी। दूसरी 170 और तीसरी उड़ान 175 फीट की थी। आगे समय समय पर जहाज की तकनीक में इजाफा किया गया। जिसका उदहारण आज के विमान है।

हवाई जहाज कितनी ऊंचाई पर उड़ सकता है?

हवाई जहाज अलग अलग श्रेणी के हिसाब से अलग ऊंचाई पर उड़ता है। एक कमर्शियल जेट 35000 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है। तथा प्राइवेट 45000 फीट पर उस से उपर उड़ता है। जिस से कमर्शियल जेट के rout से उपर उड़ सके, क्युकी हर श्रेणी के हवाई जहाज का air rout की ऊंचाई अलग अलग निर्धारित की होती है।

हल्के विमान आमतौर पर 11000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते है। कमर्शियल जेट का 35000 फीट पर उड़ने के कई कारण है। इस ऊंचाई पर हवा की परत बहुत पतली हो जाती है। जिस से विमान को अवरूद्ध करने वाला घर्षण काम हो जाता है। जिस से विमान उड़ान के जोखिम कम हो जाते है। मौसम आमतौर पर एक सा होता है, और सिंगल jet के rout से दूरी बन सके।

हवाई जहाज की रफ्तार कितनी होती है ?

आमतौर पर अलग श्रेणी के जहाजों की रफ्तार अलग अलग निर्धारित की होती है।

aeroplane speed

कमर्शियल जेट plane आमतौर पर 800 से 950 km/h की स्पीड से उड़ते है। अमेरिका के 2020 में  SR 71 blackbird की स्पीड 3400 km/h है, जो कि इतिहास के विमानों में सबसे ज्यादा है।

हवाई जहाज किस ईंधन ( फ्यूल) से चलता है ?

जेट विमान के लिए एविएशन केरोसिन jet A1 और नेप्था केरोसिन मिश्रण jet b होता है।

jahai jahaj kaise udta hai

बोइंग विमान 1 सेकंड में 4 ltr ईंधन की खपत करता है। और 1 km में 12 ltr ईंधन लेता है। बोइंग 747 में 225475 ltr ईंधन को भण्डारण किया जाता है।

हवाई जहाज के पायलट रास्ते कैसे देखते है ?

पुराने समय में विमान के लिए रास्ता देखने के लिए कंक्रीट साइन को एयरपोर्ट पर रखा जाता था।  जिस से पायलट अपनी निर्धारित जगह का पता लग जाता था। और आज के युग में GPS navigation का प्रयोग होता है। आज के टाइम में जीपीएस एक में rout navigation के रुप में प्रयोग किया जाने लगा है।

hwai jahaj cockpit navigation panel

यह बिल्कुल स्पष्ट और निश्चित satellite data पर आधारित होता है। जिसे किसी ground station से लेकर हवाई जहाज के GPS receiver तक satellite से प्रसारित किया जाता है। यह cockpit में लगे GPS display पर speed, direction आदि सब दिखाता है। जो की कण्ट्रोल र्रोम में लगे कंप्यूटर पर प्रदर्शित होता है।

CALCULATION

अंत में आपके सवाल का उत्तर मिल गया होगा की हवाई जहाज कैसे उड़ता है? हमने इसलिए के माध्यम से जहाज के उड़ने की विधि के बारे में विस्तार पूर्वक बताने की कोशिश की गई है। उम्मीद करते हैं, कि यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण और ज्ञान बढ़ाने वाली साबित होगी।

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