Hard Disk Kya Hai ? Hard Disk के प्रकार, कैसे काम करती है? Hard Disk Hindi

Hard Disk Kya Hai? what is hard disk in hindi (hard disk kya hai?)

Hard disk kya hai? एक हार्ड डिस्क एक तरह की यूनिट का हिस्सा है। जिसको डिस्क ड्राइव, हार्ड ड्राइव या हार्ड डिस्क ड्राइव कहा जाता है। जो कि इलेक्ट्रो मैगनेटिक रूप से चार्ज सतह या सतहों के सेट पर बड़ी मात्रा में डेटा को स्टोर करने और डाटा को पहुंच प्रदान करता है। आज के कंप्यूटर आमतौर पर एक हार्ड डिस्क के साथ आते हैं। जिसमें अरबों से लेकर खरबों bits तक का स्टोरेज हो सकता है। जिसे हम अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करते है।

हार्ड डिस्क वास्तव में एक स्टैक्ड डिस्क का एक सेट है। जैसे फोनोग्राफ रिकॉर्ड। हर डिस्क में डिस्क पर syndex या ट्रैक्स में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रूप से रिकॉर्ड किया गया data होता है। Hard disk के core स्पिन के रूप में डेटा को पढ़ते या लिखते हैं। किसी भी डाटा को पढ़ने या लिखने के लिए reading data की आवश्यक होती है। जिसको data operation seek कहा जाता है।

Hard disk काम कैसे करती है?

एक हार्ड डिस्क एक सेट रोटेशन गति के साथ आती है। जो 4,200 आरपीएम से 15,000 आरपीएम तक अलग अलग होती है। ज्यादातर laptop और desktop PC हार्ड डिस्क का उपयोग करते हैं। जो 5,400 आरपीएम और 7,200 आरपीएम के बीच आते हैं। जबकि हाई आरपीएम पर हार्ड डिस्क high and workstation और enterprize server में पाई जाती हैं। डिस्क एक्सेस समय को मिलीसेकंड में मापा जाता है। हालांकि डेटा को ट्रैक और सेक्टर स्थानों के साथ जाना जाता है। ये वास्तव में एक लॉजिकल ब्लॉक एड्रेस (LBA) से मैप किए जाते हैं। जो हार्ड डिस्क पर बड़े एड्रेस range के साथ काम करता है।

बढ़ती लोकप्रियता और सॉलिड-स्टेट ड्राइव (SSDs) के रूप में नॉनवोलेटाइल सॉलिड-स्टेट फ्लैश मेमोरी की तेजी से काम करने के कारण हार्ड डिस्क उपभोक्ताओं में लोकप्रिय डेटा स्टोरेज बना हुआ है। SSD अपने HDD दोनों के समान बाहरी और अंदर की ड्राइव में भी फिट होते हैं। SSD disk बहुत तेज और अधिक टिकाऊ होते हैं। और हार्ड डिस्क लेकिन वे अधिक महंगे भी होते हैं। SSD storage को उन application के लिए बेहतर फिट माना जाता है। जिनमे high performance की जरूरत होती हैं।

Hard disk का इतिहास और विकास –

Harddisk की शुरुआत 1953 में हुई थी। इसी समय IBM के इंजीनियरों ने पहली हार्ड डिस्क बनाई। जो की आकार में बहुत बड़ी थी। उदहारण के लिए दो रेफ्रिजरेटर के आकार की थी। कंपनी ने 1956 में पहला कमर्शियल हार्ड डिस्क पर आधारित कंप्यूटर, 5 एमबी आईबीएम 305 रैमैक बनाया । आईबीएम 305 रैमैक के स्टोरेज यूनिट को आईबीएम 350 डिस्क स्टोरेज कहा जाता था। RAMAC डिस्क 2 फीट तक आकार के थे और इनकी स्टोरेज लागत लगभग $10,000 प्रति मेगाबाइट थी। लेकिन यह कंप्यूटर स्टोरेज के लिए अच्छी पहल थी। जो ज्यादातर चुंबकीय टेप पर निर्भर थी। RAMAC के मूवेबल रीड एंड राइट हेड्स ने पहली बार डेटा तक सेमी-रैंडम एक्सेस को इंप्रूव किया।

Ibm ने अगले कुछ दशकों में हार्ड डिस्क टेक्नोलॉजी के विकास का प्रोसेस करना जारी रखा। और 1961 में IBM 1301 डिस्क स्टोरेज यूनिट के ड्राइव हेड्स हवा की एक पतली पालेट्स त्यार की। जिसमें स्टोरेज की गुवाक्ता वृद्धि के लिए हेड्स और प्लेटर्स को करीब से जोड़ा गया। कुछ साल बाद आईबीएम ने पहली हटाने योग्य removal हार्ड ड्राइव 1311 की शुरुआत की। और इसके बाद आईबीएम 1316 में 14-इंच प्लेटर्स और 2.6 एमबी स्टोरेज आदि को लाया गया। इसके बाद आईबीएम 2311 डिस्क में 5 एमबी और आईबीएम 2314 29 एमबी डिस्क थी। यह आईबीएम सिस्टम/360 मेनफ्रेम कंप्यूटर सिस्टम के कई version में काम करता था।

IBM HARD DISK –

मेमोरेक्स ने 1968 में पहली आईबीएम हार्ड डिस्क की शुरुआत की। और 1979 में डिस्क की कमियों में सुधार के साथ पहली हार्ड ड्राइव आई, और वेस्टर्न डिजिटल की स्थापना की गई थी। 1973 में आईबीएम ने 3340 डिस्क ड्राइव को जारी किया – जिसे “विनचेस्टर” के रूप में जाना जाता है। RAID DISK प्रौद्योगिकी का पहला पेटेंट 1978 में दायर किया गया था। जिसने दशकों पहले RAMAC को विकसित करने में मदद मिली। और इसी समय Seagate Technology Corp की स्थापना हुई। और आईबीएम पिकोलो ड्राइव में जिसमें 64 एमबी स्टोर करने के लिए आठ डिस्क का इस्तेमाल किया गया था और आईबीएम 3370 में पतली-फिल्म हेड के साथ पहला एचडीडी स्टोरेज शुरू हुआ था।

GIGABYTES HARD DISK –

1980 में आईबीएम ने पहली गीगाबाइट हार्ड ड्राइव लॉन्च की जिसका वजन 550 पाउंड था। और यह एक रेफ्रिजरेटर के आकार का था। और इसी साल 1980 में सीगेट ने पहली 5.25 इंच की हार्ड डिस्क पेश की थी। और स्कॉटिश कंपनी रोडिम ने 1983 में 3.5 इंच की हार्ड ड्राइव को लॉन्च किया। और इसके तीन साल बाद स्मॉल कंप्यूटर सिस्टम इंटरफेस (एससीएसआई) मॉडल के साथ आया। और प्रेयरीटेक ने लैपटॉप में उपयोग के लिए हार्ड ड्राइव को 2.5 इंच और दो डिस्क प्लेट पर 20 एमबी – तक छोटा कर दिया। जिसको बहुत काम जगह की जरूरत थी।

CORSAIR HARD DISK –

और 1990 के दशक की शुरुआत में IBM का 0663 Corsair ड्राइव आया। जो 8.95 मिमी डिस्क पर 1 जीबी तक डेटा को स्टोर करने की क्षमता प्रदान करता था। और 0663 हार्ड डिस्क में मैग्नेटोरेसिस्टिव हेड्स का उपयोग करने वाली पहली हार्ड डिस्क थी।
1991 में इंटीग्रा पेरिफेरल्स से आने वाली पहली 1.8-इंच की डिस्क और 1992 में 1.3-इंच की हेवलेट पैकार्ड किट्टीहॉक के साथ ड्राइव छोटी हो कर बाज़ार में आई। और वेस्टर्न डिजिटल ने 1994 में 528 एमबी एन्हांस्ड आईडीई हार्ड ड्राइव इंटरफ़ेस विकसित किया।

और 2000 में मैक्सटर ने क्वांटम के हार्ड ड्राइव व्यवसाय को खरीदा और सीगेट ने अपने टाइगर एक्स15 एचडीडी के साथ बाज़ार में उतारा । सीगेट ने उसी वर्ष 100 जीबी प्रति वर्ग इंच के मैगनेटिक डिस्क को लॉन्च किया और hitachi (हिताची)ने 2003 में आईबीएम के डेटा स्टोरेज व्यवसाय को खरीदा और हरडस्क की नई तकनीक को विकसित किया जाने लगा। इसके बाद 2004 में तोशिबा ने पहली 0.85-इंच की हार्ड ड्राइव, एक सिंगल प्लेटर पर 2 जीबी मॉडल के साथ जारी की। जबकि हिताची ने 2005 में पहले 500 जीबी एचडीडी को बनाया था।  2006 में, सीगेट ने हार्ड ड्राइव बाजार को और मजबूत करते हुए मैक्सटर को टेकओवर किया। और वहां से ड्राइव कैपेसिटी आसमान छूती रही जो अच्छी स्टोरेज के लिए बेहतर साबित हुई।

HARD DISK CAPACITY –

2000 के दशक के अंत तक सीगेट और वेस्टर्न डिजिटल ने पहले 3 टीबी एचडीडी डिस्क बनाए गए थे। और उन कंपनियों और तोशिबा ने अगले दशक की शुरुआत में पहले 4 टीबी ड्राइव का उत्पादन किया था। 2013 में सीगेट ने 5 टीबी एचडीडी डिस्क को उतारा। और एचजीएसटी ने 6 टीबी हीलियम से भरी hard disk को बनाया।
और समय के साथ साथ हार्ड डिस्क क्षमता 10 टीबी, 12 टीबी, 14 टीबी और 16 टीबी हो गई है।

हार्ड डिस्क के भाग : HARD DISK PARTS –

hard disk kya hai

एक हार्ड ड्राइव में इसके आवरण के अंदर कई प्रमुख कंपोनेंट होते हैं। इनमें डेटा स्टोर करने के लिए प्लेटर्स के लिए एक स्पिंडल होता है।और किसी भी डेटा को पढ़ने और लिखने के लिए एक रीड/राइट आर्म, रीड/राइट आर्म लगा होता है। जो किसी भी डाटा को स्टोर या रिड करता है। हार्ड डिस्क में डेटा स्टोर करने के लिए पतली चुंबकीय सतह पर कांच या सिरेमिक के प्लेटर्स लगे होते हैं। प्लेटर्स इस मीडिया परत पर स्तिथ ट्रैक, सेक्टर और क्लस्टर में डेटा को स्टोर और व्यवस्थित करते हैं। और इस परत के उपर किसी भी तरह के अवरूद्ध को रोकने या साफ करने के लिए डस्ट क्लस्टर लगे होते है।

HARD DISK SPINDEL –

स्पिंडल हार्ड डिस्क की प्लेटर्स को आवश्यकतानुसार घुमाता है। और उन्हें स्थिति में रखता है। स्पिंडल का आरपीएम निर्धारित करता है। कि डेटा कितनी तेजी से लिखा और पढ़ा जाता है। मल्टीपल-प्लेटर एचडीडी डिस्क को स्पिंडल प्लेटर्स को एक निश्चित अलग दूरी पर रखता है। ताकि पढ़ने/लिखने के लिए आर्म रूम संचालित हो सके। और reading arm ठीक तरीके से काम कर सके।

Write/Read Arm –

रीड/राइट आर्म डेटा को एक्सेस करने या लिखने के लिए रीड/राइट हेड को डिस्क प्लैटर पर सही जगहों पर रखता है। यह पढ़ने/लिखने वाले उप्री सिरे होते है। जो विद्युत धाराओं के साथ अपनी चुंबकीय सतह को बदलकर प्लेटर्स से डेटा को पढ़ते और लिखते हैं। आमतौर पर डिस्क ड्राइव में प्रत्येक प्लेटर साइड की सतह के ऊपर और नीचे के आधे हिस्से के ऊपर एक इंच के 3 से 20 मिलियनवें हिस्से पर एक रीड/राइट हेड होता है। हार्ड डिस्क के सभी रीड/राइट आर्म्स एक्चुएटर मोटर में एक साथ जुड़े होते हैं। जो मोटर की सहायता से कार्य करते है।

Actuator Motor –

एक्ट्यूएटर मोटर एचडीडी सर्किट बोर्ड से निर्देश प्राप्त करता है। और रीड / राइट आर्म की गति को नियंत्रित करता है। यह प्लेटर डेटा ट्रांसफर को कंट्रोल करता है। और सुनिश्चित करता है। कि पढ़ने/लिखने के शीर्ष हमेशा सही जगह पर हों। एक AI सर्किट एक्ट्यूएटर मोटर को बताता है। कि क्या करना है। यह इकाई के निचले आधार पर स्थित है। जिसे आवरण कहा जाता है। और एक लचीली रिबन केबल सर्किट बोर्ड को एक्चुएटर मोटर से जोड़ती है। जो पढ़ने/लिखने वाली यूनिट को नियंत्रित करती है।

Hard disk structure –

हार्ड डिस्क के आंतरिक वातावरण को बाहरी दूषित पदार्थों और हवा से बचाने के लिए पूरी डिस्क को एक तरह के ड्राइव इंटरनल कवर में फीट किया जाता है। जिसे हेड असेंबली के रूप में भी जाना जाता है। और डिस्क केसिंग पर सुरक्षित रूप से लगाया जाता है। आमतौर पर एल्यूमीनियम के साथ कवर किया जाता है।

एचडीडी फॉर्म फैक्टर डेस्कटॉप और पोर्टेबल कंप्यूटर, सर्वर, स्टोरेज एनक्लोजर, स्टोरेज एरेज़ या हार्ड डिस्क का उपयोग करने वाले किसी भी तरह का use करने वाले उपकरण, जैसे डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) आदि को नियंत्रित करता है। जिसमें होस्ट इंटरफ़ेस कनेक्टर की ओरिएंटेशन और स्थिति के अलावा HDD की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई शामिल है। जो की किसी भी डिस्क ड्राइव के आकार पर निर्भर करती है।

 

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