BLOCKCHAIN क्या है ?* blockchain meaning in hindi | blockchain technic

BLOCKCHAIN क्या है ? what is blockchain in hind ?

BLOCKCHAIN क्या है ? कुछ समय से पूरे विश्व में डिजिटल करेंसी को लेकर बड़ा बोलबाला है। जिसमें बहुत सी डिजिटल करेंसी पूरे विश्व में लेनदेन के रूप में प्रयोग की जाती है जैसे कि बिटकॉइन बिटकॉइन दुनिया की सबसे पहले डिजिटल करेंसी है जिसका विस्तार 2008 में हुआ था आज पूरे विश्व में बिटकॉइन डिजिटल करेंसी में एक नई छाप और नया रिकॉर्ड कायम किया है क्योंकि डिजिटल करेंसी के क्षेत्र में बिटकॉइन में 2021 में लगभग 45 लाख रुपए तक का रिकॉर्ड कायम किया है

यह एक डिजिटल करंसी होती है जिसको हम अपने आईएनआर करंसी की तरह यूज़ नहीं कर सकते और ना ही देख सकते हैं इसका लेनदेन सिर्फ ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से होता है पर क्या आपको पता है की बिटकॉइन या कोई भी डिजिटल करंसी के लेनदेन के लिए एक थर्ड पार्टी एक्सचेंजर की जरूरत होती है जहां पर हम अपनी क्रिप्टोकरंसी को स्टोर कर सकते हैं और इस के ही जरिए हम विश्व में कहीं भी लेनदेन कर सकते हैं

क्रिप्टो करंसी के लेन देन के बारे में समझने से पहले आपको इसके थर्ड पार्टी एक्सचेंजर के बारे में जानना जरूरी होगा कि इस डिजिटल करेंसी को हम किस पर और कैसे स्टोर कर सकते हैं और इस एक्सचेंजर से हम किसी को कैसे ट्रांसफर कर सकते हैं क्रिप्टोकरंसी में सबसे पहले बिटकॉइन प्रस्तुत हुआ था बिटकॉइन 2008 में लॉन्च हुआ था और उसी वक्त बिटकॉइन को स्टोर और लेनदेन के लिए एक्सचेंजर भी लांच हुआ था जिसको हम ब्लॉकचेन के नाम से जानते हैं तो आज हम ब्लॉक चेंज के बारे में विस्तार पूर्वक पड़ेंगे BLOCKCHAIN क्या है ? और ब्लॉकचेन कैसे काम करता है

1 Blockchain Technic Kya Hai?

ब्लॉकचेन एक ऐसा तकनीकी क्रिप्टोकरंसी का प्लेटफार्म है जहां पर किसी भी क्रिप्टोकरंसी के डाटा को मेंटेन और सुरक्षित रखा जाता है और ब्लॉकचेन के द्वारा क्रिप्टोकरंसी की लेन देन को संपन्न किया जाता है ब्लॉकचेन एक तरह का डिजिटल वही खाता है जिसमें हम अपने किसी भी डिजिटल करेंसी को स्टोर और ट्रांसफर कर सकते हैं जिस करेंसी को ब्लॉकचेन सपोर्ट करता HO. बिटकॉइन के माध्यम से बहुत से देशों में किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने के लिए पेमेंट बिटकॉइन के जरिए भी कर सकते हैं

BLOCKCHAIN को 2008 मैं दुनिया के सामने लाया गया और इसमें कुछ बदलाव किए गए थे ब्लॉकचेन के बदलाव करने का श्रेय जापान के SATOSHI NAKAMOTO को जाता है जिन्होंने 2009 में बिटकॉइन करेंसी को लांच किया और इस बिटकॉइन करेंसी को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर सक्रिय किया था।लेकिन 2011 के बाद इस नाम के व्यक्ति को कभी नहीं देखा नहीं गया ब्लॉकचेन को बनाने का उद्देश्य डिजिटल बिटकॉइन करेंसी को प्रसारित सक्रिय करना था जोकि यूजर के बिटकॉइन करंसी या क्रिप्टोकरंसी को पूरी तरह न्यूज़ अपने आप कंट्रोल कर सके ब्लॉकचेन एक ओपन सोर्स क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजर प्लेटफार्म है

BLOCKCHAIN क्या है

ब्लॉकचेन के प्रत्येक ब्लॉक में क्या होता है?

BLOCKCHAIN एक तरह का हाई सिक्योरिटी करेंसी स्टोर एक्सचेंजर प्लेटफार्म है जिससे किसी भी तरह के क्रिप्टोकरंसी से संबंधित डाटा को सुरक्षित रखा जाता है और ब्लॉक चयन में जितनी ज्यादा ट्रांजैक्शन बढ़ेंगे ब्लॉकचेन के ब्लॉक इतनी ही संख्या और तेजी से बढ़ते हैं और यह सारे ब्लॉक्स एक दूसरे से मिलकर एक नया ब्लॉक बनाते हैं जब एक ब्लॉक की डाटा स्टोर करने की सीमा समाप्त हो जाती है तो नया ब्लॉक ऑटोमेटिक बन जाता है और पुराने ब्लॉक के डाटा के साथ कनेक्ट हो जाता है यह सभी ब्लॉक एक दूसरे से जंजीर की अवस्था में जोड़ते हैं इसी कारण यह ब्लॉक एक दूसरे के साथ जोड़ने से चयन की शक्ल ले लेते हैं इसीलिए ISE ब्लॉकचेन कहा जाता है

2 BLOCKCHAIN कैसे काम करता है?

BLOCKCHAIN क्या है ? ब्लॉकचेन एक डिजिटल करेंसी के लेन देन और स्टोर करने के लिए बनाया गया है जिस पर यूजर अपना अकाउंट खुद बनाकर अपने पैसे को खुद बिना किसी बैंक की मदद से कहीं भी किसी को भी ट्रांसफर कर सकता है ब्लॉकचेन में जैसे ही किसी ने डिजिटल करेंसी ए ट्रांजैक्शन एंट्री होगी तो उसकी पूरी इंफॉर्मेशन ब्लॉक के जरिए लेजर फाइल मैं सेव हो जाती है

ब्लाकचैन प्लेटफार्म को डिजिटल करंसी के लिए तैयार किया गया था इसमें बिटकॉइन जैसी करेंसी की ट्रांजैक्शन की सभी जानकारियां पब्लिक लेजर अर्थात ब्लॉकचेन डाटा में सेव रहती हैं

ब्लॉकचेन के नोडस के द्वारा डिजिटल करेंसी को ट्रांसफर या स्टोर किया जाता है जो कि एक दूसरे COMPUTER नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़े होते हैं जिनसे किसी भी डिजिटल करंसी की ट्रांजैक्शन की जानकारी उन नोड्स ke जरिए वेरीफाई किया जाता है

और आखिर के प्रोसेस में वेरीफाई हुई ट्रांजैक्शन को जोकि किसी भी डिजिटल करेंसी ही हो सकती है उसको क्रिप्टोग्राफी टेक्नोलॉजी द्वारा सत्यापित करके ब्लॉकचेन के ब्लॉक एक चैन की संख्या में जुड़कर एक पब्लिक लेजर बनाते हैं जिनमें डिजिटल करेंसी की जानकारी हमेशा के लिए स्टोर हो जाती है जोकि ब्लॉकचेन प्लेटफार्म पर सिक्योर रहती है

BLOCKCHAIN में क्रिप्टोकरंसी को ट्रांसफर को रिसीव करने के लिए आपको एक तरह का कोड मिलता है जिसके जरिए प्राप्त किसी से क्रिप्टोकरंसी अपने ब्लॉकचेन अकाउंट में ले सकते हैं इस कोड को याद या लिखा नहीं जा सकता यह कौन सिर्फ कॉपी पेस्ट करना होता है क्योंकि यह हैशकोड अधिकतम सुरक्षित होता है जिसके डिजिट संख्या में बहुत ज्यादा और बहुत ही कठिन होते हैं जिनको याद रखना या मैनुअल लिखना मुश्किल होता है इसी कोड के जरिए हम अपनी डिजिटल करेंसी का आदान प्रदान कर सकते हैं

पब्लिक और प्राइवेट ब्लॉकचेन में क्या अंतर है?

पब्लिक ब्लॉकचेन एक तरह का ओपन सोर्स नेटवर्क है जिसमें कोई भी यूजर कभी भी और कहीं से भी जुड़ सकता है और ब्लॉकचेन के nodes में हो रही सभी गतिविधियों को देख सकता है और किसी भी डिजिटल करेंसी की ट्रांजैक्शन को देखने वह करने हमेशा क्रियाशील मेंबर बन जाता है पब्लिक ब्लॉकचेन नेटवर्क में किसी भी किस्म का किसका निजी कंट्रोल नहीं होता इसमें एक बार डाटा स्टोर या फैच होने या ट्रांसफर होने के बाद कोई भी बदलाव करना असंभव होता है पब्लिक ब्लॉकचेन जहां केवल कुछ नोट स्कोर परमिशन दिया जाता है जोकि फेसबुक पब्लिक लेजर को इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे कि ब्लॉकचेन नेटवर्क कविता सुरक्षित रहता है

प्राइवेट ब्लॉकचेन यह एक सेंट्रलाइजर्स नेटवर्क होता है जिसमें काफी मेंबर एक ग्रुप की शक्ल में जोड़ते हैं और इस ग्रुप के द्वारा इस प्राइवेट ब्लॉकचेन को चलाया जाता है और और ग्रुप nodes को अलग-अलग नेटवर्क से परमिशन दी जाती है इसमें जुड़ने के लिए पहले से सक्रिय nodes से नए नोट स्कोर परमिशन लेनी पड़ती है और परमिशन वेरीफाई होने के बाद प्राइवेट ब्लॉकचेन क्रिएट हो जाता है प्राइवेट ब्लॉकचेन के अंतर्गत रिप्पल डिजिटल करेंसी यानी के क्रिप्टोकरंसी आती है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है?

ब्लॉकचेन किसी भी क्रिप्टोकरंसी में स्टोर और ट्रांसफर करने के पीछे मुख्य रूप से तीन टेक्नोलॉजी का यूज़ होता है जो कि इस प्रकार है

PRIVATE KEY CRYPTOGRAPHY:-

यह TECHNOLOGY किसी भी क्रिप्टोकरंसी की संख्या और वैल्यू से संबंधित डाटा फैच करती है। और उस करेंसी के लेन-देन को एक नोटिस फॉर्मेट में सेव करते हैं

P2P NETWORK TECHNOLOGY

जब हम किसी भी डिजिटल करंसी या क्रिप्टोकरंसी का लेन देन करते हैं तब हमें एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क के साथ कनेक्ट होना पड़ता है जोकि क्रिप्टो nodes नेटवर्क होता है इस तकनीक में एक से ज्यादा नेटवर्क में संपर्क स्थापित किए जाते हैं जिससे कि क्रिप्टोकरंसी ट्रांजैक्शन संपर्क हो सके

BLOCKCHAI PROTOCOL PROGRAM:-

प्रोटोकॉल प्रोग्राम ब्लॉकचेन के नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण इकाई है जोक क्रिप्टोकरंसी नेटवर्क में स्वचालित रूप से सुरक्षा और भरोसेमंद रूप से जानकारी हो साझा करने में सक्षम बनाता है कंप्यूटिंग के क्षेत्र में प्रोटोकॉल अनिवार्य रूप से नियम है जो विभिन्न कंप्यूटर या नेटवर्क के बीच के डाटा को सिक्योर और कैसे ट्रांसफर करने की अनुमति प्रदान करता है।

BLOCKCHAIN के क्या फायदे हैं?

ब्लॉकचेन एक सुरक्षित और भरोसेमंद मुद्रा का आदान-प्रदान और स्टोर रखने का बेहतरीन प्लेटफार्म है ब्लॉकचेन से हमारी क्रिप्टोकरंसी पूर्ण रूप से सुरक्षित रहती है।
BLOCKCHAIN के माध्यम से हम क्रिप्टोकरंसी के द्वारा पूरे विश्व में कहीं भी राशि का आदान प्रदान कर सकते हैं
ब्लॉकचेन के द्वारा हम किसी भी क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से पूरे विश्व में कहीं से भी शॉपिंग कर सकते हैं अर्थात कोई प्रोडक्ट खरीद सकते हैं

इस लेख के माध्यम से हमने BLOCKCHAIN क्या है ? के बारे में आपको जानकारी प्रदान करने की कोशिश की है अगर इससे जुड़ा आपका कोई भी सवाल हो तो हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं आपका फीडबैक हमारे लिए जरूरी होगा

 

 

 

 

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!