Motivational Stories In Hindi | ये कहानियाँ जो आपकी जिंदगी पर असर करेंगी |

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Motivational story in hindi अक्सर जिंदगी में कई बार ऐसा वक्त आता है कि इंसान चाह कर भी कुछ नहीं कर पाता चाहे वह जिंदगी का कोई भी क्षेत्र हो इंसान के पास कई बार ऐसी मुसीबत आ जाती है। उनमें से निकलने के लिए इंसान के पास सारे रास्ते बंद हो जाते हैं और ऐसे वक्त में सबसे पहले अपने साथ छोड़ जाते हैं और इंसान थक हार कर किस्मत को दोष देने लगता है। इस परिस्थिति में सिर्फ ऐसे इंसान को वह खुद ही निकाल सकता है अगर इंसान में हौसला और उन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत है तो कोई भी मुसीबत इंसान से बड़ी नहीं हो सकती।

तो आज हम ऐसी ही आपको 5 लोगों की कहानी motivational story in hindi बताएंगे, जिन्होंने अपना बचपन एक गरीबी में काटते हुए आज इतिहास के पन्नों पर अपना नाम आज स्वर्ण अक्षरों में लिख दिया।और हर मुश्किल परिस्थितियों को मुंह तोड़ जवाब दे कर दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
और अगर आप जिंदगी की मुश्किलों के सामने घुटने टेक चुके हैं तो यह कहानी आपको फिर से दोबारा परिस्थितियों से लड़ने के लिए हौसला जरूर देगी। और आपको अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित करेगी।

  • ” मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है।”
    “पंखों से कुछ नहीं होता है मेरे दोस्त, हौसलों से उड़ान होती है”

Motivational story in hindi

आज की पहली कहानी है। एक फ़ुटबॉलर की जिन्होंने गरीबी को बहुत ही ज्यादा करीब से सहा है। जिनके पास सिर्फ एक हौसले के सिवा कुछ भी नहीं था। और आज ये फ़ुटबॉलर दुनिया में अपने हौसले से एक अच्छी जिंदगी और एक अलग पहचान बना चुका है।
तो आपको इनका नाम जानने की भी दिलचस्पी होने लगी होगी।तो हम बताते है कि इनका नाम ” Sadio Mane” है

Sadio mane biography Motivational story in hindi –

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सेडियो मने को फुटबॉल कि दुनिया का बादशाह भी कहा जाता है। लेकिन इस पूरी कहानी को पढ़ने के बाद आप भी सोचने को मजबुर हो जाएंगे। कि कोई भी इंसान अपने काम को लेकर इतना पागल कैसे हो सकता है।

sadio mane का जन्म –

Sadio mane का जन्म दक्षिण अफ्रीका के सेनेगल क्षेत्र के एक छोटे से गांव बम्बाली मे 10 अप्रैल 1992 में हुआ था। एक ऐसा गांव जहां पर कोई सुख सुविधा कि किसी प्रकार के संसाधन नहीं है और यह पूरी दुनिया से पिछड़ा हुआ गांव था। सेडियो मने का बचपन गरीबी की उस दलदल में से गुजरा है|जहां पर बहुत से इंसान अपना हौसला न कर पाने के कारण जिंदगी में कुछ भी हासिल नहीं कर पाते।

उनके पास मैं तो पढ़ाई पूरी करने के लिए पैसे चाहिए और ना ही अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए जो कि हर इंसान के लिए अनिवार्य होते हैं। बचपन ने सेडियो मने कच्चे पत्ते खा कर भी अपने पेट की भूख को मिटाया है। लेकिन इस बच्चे को फुटबॉल में बचपन से ही रुचि थी। लेकिन इस प्रस्तुति में सेडियो मने को फुटबॉल के क्षेत्र में आगे कौन ला सकता था।

SADIO MANE FINACIAL CONDITION –

क्योंकि इसके लिए पैसों की जरूरत होती है और सेडियो मने की आर्थिक स्थिति का अंदाजा आप लगा ही चुके हैं कि वह कैसी होगी। लेकिन सेडियो मने में हौसला नहीं हारा और अपने सपने को जिंदा रखा और जुट गए फुटबॉल की तैयारी करने में जिसने सेडियो मने ने खुद को ही अपना कुछ बना लिया लगातार तैयारी करने के बाद फुटबॉल में अच्छा तजुर्बा ले चुके थे। सेडियो मने समझ चुके थे

कि आज वक्त मेरे साथ एक के बाद एक बार कर रहा है लेकिन मैं उसको अपनी जिद के आगे बदल कर दिखाऊंगा और दुनिया में एक नया नाम फुटबॉल के क्षेत्र में शामिल कर लूंगा। सेडियो मने जब 12 साल के हुए तब भी एक अच्छे फुटबॉलर बन चुके थे अपनी मेहनत के बलबूते पर। सिर्फ अब जरूरत थी उस कला को दुनिया के सामने लाने की। सेडियो मने को पता लगा कि उसके देश की राजधानी मे फुटबॉल के ट्रायल हो रहे हैं।

परेशानियां –

लेकिन किसके बीच फिर पैसे की अड़चन आ गई क्योंकि वह ट्रायल जिस जगह हो रही थी वह जगह सेडियो मने के गांव से 170 किलोमीटर दूर थी। और वहां पहुंचने के लिए उसके पास कोई पैसा नहीं था लेकिन जब कहते हैं ना कि अगर मन में कुछ करने की आग लगी हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत भी अपना रास्ता इंसान की जिद के आगे छोड़ देती है तो ठीक वैसा ही हुआ सेडियो मने पैदल दौड़ कर अपने कदमों से इस दूरी को नाप गए। और पहुंच गए उस राजधानी में जहां पर फुटबॉल के ट्रायल हो रहे थे।

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जैसे ही सेडियो मने ग्राउंड में पहुंचे तो उनकी हालात देखकर सब फुटबॉलर्स हंसने लगे और उनका मजाक उड़ाने लगे तब फुटबॉल के कोच ने उन्हें देखा और कहा कि बेटा तुम कैसे खेलोगे तुम्हारे जूते फटे हुए हैं इनसे फुटबॉल खेलना ही नहीं चलना भी बहुत मुश्किल होता है पर लेकिन हौसला था जिसके बलबूते पर sadio mane वहां पर एंट्री मारी थी। वह कोच को बोले सिर्फ 5 मिनट मुझे दे दीजिए

आपको यह पता लग जाएगा किअसली तैयारी किसकी है। इस बच्चे का हौसला देखकर खोजने उसको खेलने की अनुमति दे दी और इस बच्चे ने 5 मिनट से पहले ही कोच को यह विश्वास दिला दिया कि यह बच्चा 1 दिन दुनिया में फुटबॉल के क्षेत्र में एक इतिहास रचेगा। फुटबॉल कोच ने कहा अगर यही जुनून तुम्हारा हमेशा बरकरार रहा तो मुझे भी तुम्हारे नाम से दुनिया जाने की।

sadio mane के पिता का निधन –

मैच खत्म होने के बाद सेडियो मने बहुत खुश थे और अपने वापस घर जाने की तैयारी कर रहे थे और वह इस खुशखबरी को अपने पिता के साथ साझा करना चाहते थे जल्दी से जल्दी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही यह बच्चा अपने घर पहुंचा तो देखा कि उनकी पिता की हार्टअटैक के कारण मृत्यु हो चुकी थी। अब आप समझ सकते हैं कि किस्मत क्या-क्या खेल दिखा सकती है क्या महसूस कर रहा होगा वह 12 साल का बच्चा अपनी किस्मत के बारे में, बस यही वक्त होता है अपने हौसले के साथ किस्मत के साथ लेने का सेडियो मने इस हादसे से बहुत टूट चुके थे

लेकिन उसने हिसाब से हो अपनी शक्ति के आधार पर इस्तेमाल किया और लग गए दोबारा फुटबॉल की तैयारी में अबकी बार इस बच्चे का फुटबॉल के प्रति हुनर और भी ज्यादा निखर कर आया। उसके इस जुनून को देखकर इसे रोकने की किसी मे भी ताकत नहीं थी।
बस फिर क्या था उसकी गेम की परफॉर्मेंस को देखते हुए फ्रांस के एक क्लब ने सेडियो मने को सिलेक्ट कर दिया। बस अब इस बच्चे का बाप शुरु हो चुका था उसकी कला और भी निकलती रही और वह अपनी कला के बलबूते पर दुनिया को हैरान करता गया।

फुटबॉल रिकॉर्ड –

इस बीच सेडियो मने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खेल का सफर पूरा कर चुका था। और देखते ही देखते यह बच्चा हम दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग के लिए खेलने लगा। पहले ये Southampton के लिए खेलने के लिए बहुत अधिक पैसे दिए गए। Sadio mane ने 2:56 सेकंड में back to back 3 goal किए।जो की आज भी एक रिकॉर्ड बना हुआ है। और आज sadio mane दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग लिवरपूल के लिए खेलते है। आज sadio mane के पास किसी भी चीज की कमी नहीं है। Sadio mane  बड़े तौर पार सोशल वर्कर्स भी है।

SADIO MANE SOCIAL WORKER –

वो करोड़ों रुपए के दान से जरूरत मंदो की सहायता भी करते है। Sadio mane कहते है। कि मैंने गरीबी को बहुत नज़दीक से देखा है। मै कभी नहीं चाहूंगा की जिस दौर से बचपन में में गुजरा कोई भी बच्चा उस गरीबी के दौर से गुजरे।
एक बार मीडिया के सामने इनकी कुछ तस्वीरें भी विरुल हुई थी एक टूटे हुए फोन को लेकर। इतना पैसा होने के बाद भी sadion mane को एक टूटे हुए फोन के साथ देखा था। तब बहुत से लोगो ने इनके टूटे हुए फोन के बारे में सवाल किया। कि आपके पास आज पैसों की कोई कमी नहीं है फिर भी आज आप ये तिता हुए फोन क्यों रखे हुए है। इस पर सदियों मेन का जवाब ये था।

”मैं ऐसे कई फोन ले लूंगा लेकिन मुझे 10 फरारी, 2 जेट प्लेन और 20 डायमंड घड़ियों की क्या जरूरत है। आखिर मुझे इन सब चीचों की जरूरत क्या? गरीबी का दाैर मैने देखा है। इसके कारण मैं पढ़ाई भी नहीं कर सका था। यही कारण है कि मैंने अपने देश में स्कूल बनवाए ताकि बच्चे पढ़ सकें, फुटबॉल स्टेडियम बनवाए हैं।”

तो दोस्तों अगर इस सच्ची कहानी को पढ़ने के बाद आप अपने काम के प्रति अब भी बाहने तलाश रहे है। तो वो आज आप सबसे बड़ी गलती कर रहे है।आप किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हो।जब तक आप उस काम को जुनून के साथ नहीं करोगे तो आप सफल नहीं हो सकते।

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Motivational Story In Hindi 2

आज टॉप रेसलर The Rock के बारे में को नहीं जानता।जिन्होने अपनी कला और हौसले से दुनिया में एक नाम बना लिया है। the rock 10 बार डब्ल्यूडब्ल्यूई के वर्ल्ड चैंपियन रह चुके हैं और दो बार के इंटरकॉन्टिनेंटल चैंपियन भी रह चुके हैं और एक हॉलीवुड मूवी में सुपरस्टार प्रड्यूसर और बिजनेसमैन भी हैं। The Rock ने एक Instagram post के लिए 1M dollar तक charge किया है। उनकी फिल्में नॉर्थ अमेरिका में 3.50B और worldwide 10.35 B dollars की ग्रॉस इनकम करती है।जो इनको सबसे महंगे एक्टर के तौर पर पहचान करवाती है।

लेकिन आप रॉक के बारे में बहुत सी अच्छी और प्रसिद्धि की बातें जानते हैं लेकिन क्या आपको पता है की बचपन से लेकर अब तक रोग किन परिस्थितियों से गुजरे हुए हैं और यहां तक पहुंचे हैं

THE ROCK Motivation story in hindi

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THE ROCK के पिता भी एक प्रोफेशनल रेसलर थे। लेकिन जब रॉक अपने बचपन में थे तब किसी कारणवश रॉक के पिता और माता का तलाक हो गया था इस घटना से बचपन में बहुत अकेले हो गए थे रॉक अपने आप को एक कमरे में हमेशा बंद रखते थे। उस दौर ने इस बच्चे को झकझोर कर रख दिया था। रॉक और उसकी मां दोनों एक साथ एक छोटे से घर में रहते थे जिसका किराया $120 प्रति महीना था लेकिन कुछ समय बाद वह भी बैंकों के द्वारा नीलाम कर दिया गया।

उसके बाद रॉक की मां सुसाइड अटेम्प्ट किया जिसके बाद रॉक डिप्रेशन में चले गए। लेकिन अपने हौसले को मजबूत करके रॉक ने अपने शरीर के लिए वर्क आउट स्टार्ट कर दिया यह सिर्फ हालातों से लड़ने की तैयारी थी कुछ समय बाद रॉक ने फुटबाल के क्षेत्र में जाने के लिए एक विश्वविद्यलय में दाखिला ले कर वो फुटबाल कि ट्रेनिंग लेने लगे।जहां उन्हें फुटबॉल खेलते एक चोट आ गई।और उन्हें पहले ही स्मेस्टर में वहां से बाहर निकाल दिया।

THE ROCK HISTORY IN HINDI

अब रॉक का फुटबॉल कैरियर भी बर्बाद हो चुका था।जब वो वहां से निकले तब उनकी पॉकेट में सिर्फ 7 से 8 डॉलर थे। अब रॉक और डिप्रेशन का शिकार हो गए क्यूंकि किस्मत उनको नए नए खेल दिखा रही थी। इस बीच कुछ समय वो वर्कआउट करते रहे और एक दिन उनके पुराने फुटबॉल coach be उन्हें बुलाया। Coach बोले कि तुम फुटबॉल टीम ज्वाइन कर लो।लेकिन रॉक ने माना कर दिया क्यूंकि अब रॉक ने wrestling में जाने का में बना लिया था।

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अब उन्होंने रैसलिंग को ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया और 1996 में रॉक ने अपना पहला रैसलिंग का ट्रायल दिया। लेकिन ये रॉक की सोच के बिल्कुल विपरीत था क्यूंकि कुछ चीज रॉक की सोच से परें थी। लेकिन काफी मेहनत के बाद उनकी रिंग में यूनिक स्टाइल और मेगा एंट्री ने लोगो को चाहने पर मजबुर कर दिया।और देखते ही देखते The Rock wrestling की दुनिया के बेताज बादशाह बन गए।

तो दोस्तों अगर आप किसी भी काम को करने का हौसला करते है।तो कुछ समय बाद परिस्थितियां आपके अनुकूल हो जाती है।

DAVID WARNER CRICKTER Motivational story in hindi –

कई बार ज़िन्दगी अजीबो गरीब खेल खेलती है। इन हालातो की वजह से इंसान कई बार बहुत टूट जाता है। और इन हालातो में लोग भी आपको ताने मारते है।
गुरु का स्थान माता पिता से भी ऊपर होता है लेकिन क्या हो जब गुरु ही आपको यह कह दे कि हम अपनी जिंदगी में कभी कुछ नहीं कर सकते तुम फेलियर हो और फिर यही रहोगेmotivational story in hindi

जी हां हमारी आज की कहानी कैसे शख्स की है जिसे उसके टीचर नहीं ऐसा कहा था जरूरी तो नहीं कि हाथ की पांचों उंगलियां बराबर हो अगर हर किसी में कोई ना कोई कमी होती है तो हर किसी में कोई ना कोई खासियत भी जरूर होती है और एक शिक्षक का कर्तव्य है कि वह कमियों को खोजने के बजाय विद्यार्थियों की खासियत पर ध्यान दें और शिक्षक अपना दायित्व अच्छे से समझते हैं लेकिन कभी-कभी आक्रोश में आकर ऐसा कह जाते हैं और उनकी बात दिल पर भी लग जाती है।

डेविड वार्नर का जन्म –

DAVID WARNER  का जन्म 27 अक्टूबर 1986 में सिडनी में हावर्ड वॉर्नर और लोरिन्न वार्नर के घर हुआ उनके परिवार की माली हालत अच्छी नहीं थी ताकि उनके माता-पिता कुछ भी दिलाना नहीं चाहते थे बात बस इतनी सी थी कि उनके माता-पिता के पास इतने पैसे नहीं थे और डेविड भले ही उस समय उम्र में छोटे थे लेकिन वह भी यह बात समझ गए थे कि जिंदगी में अगर कुछ पाना है तो उसके लिए मेहनत आपको खुद ही करनी होगी

डेविड के लिए धीरे-धीरे पॉकेट मनी भी एक बड़ी समस्या बन गई क्योंकि भले ही उनके माता-पिता दोनों ही कमाते थे लेकिन परिवार चलाना फिर भी इतना आसान नहीं था और ऐसे में वह अपने बेटे को पॉकेट मनी कहां से देते हैं उनके पिता ने उन्हें काम पर लगा दिया कभी-कभी डेबिट सुबह के 3:00 बजे तक काम करते हो घर वापस आकर 7:00 बजे स्कूल के लिए तैयार होकर स्कूल जाते हाथी के आखिरी दिनों में वे न्यूज़पेपर बाटा करते ताकि स्कूल कैंप के लिए कुछ पैसे जुटा सकें और हर क्रिसमस पर अपने माता-पिता के लिए गिफ्ट खरीदना नहीं भूलते थे।डेविड का मानना है

FINACIAL CONDITION –

कि अगर शायद उन्होंने अपनी जिंदगी में वह दौर नहीं देखा होता तो शायद उन्हें चीजों की अहमियत नहीं पता चलती अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत करना और उसे पाने के बाद जो खुशी मिलती है वह कैसी होती है शायद वह कभी नहीं समझ पाते मैं बचपन से ही एक बहुत बड़ा इंसान बनना चाहते थे नाम और शोहरत कमाना चाहते थे डेविड लेफ्ट हैंड से बैटिंग करते थे लेकिन इससे अपना पूरा जोर लगाकर शॉट नहीं लगा पाते थे

CARRIER-motivational story in hindi

इसलिए उन्हें उनके दाएं हाथ का इस्तेमाल करने की सलाह दी और इस तरह से लेफ्ट और राइट हैंड से बैटिंग करने वाले क्रिकेटर बन गए छोटी उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया और 13 साल की उम्र में सिडनी लोकल क्लब में क्रिकेट खेलने लगी उन्होंने सिडनी क्रिकेट क्लब के लिए 14 साल की उम्र में खेलना शुरू किया और 15 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास का हिस्सा बने और जनवरी 2009 में ऑस्ट्रेलिया की इंटरनेशनल t20 टीम सिलेक्ट किया गया उन्होंने सात चौके और छह छक्के मारे43 बॉल पर 89 रन बनाए

और यह t20 की दूसरी सबसे फास्टेस्ट इंटरनेशनल हाफ सेंचुरी जी डेविड अक्टूबर 2011 में से पहले क्रिकेटर बने जिन्होंने एक के बाद एक सेल्फी लगाई हो आज डेविड वॉर्नर इंटरनेशनल प्रोफेशनल ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर है और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम वॉइस कैप्टन भी हैबचपन में 1 घंटे के $12 कमाते थे पर आज अरबों कमाते हैं

तो दोस्तों चाहे दुनिया कुछ भी कहे आप अपने सपनों को किसी के कहने पर बीच में अधूरा मत छोड़ना जब तक अपनी मंजिल तक ना पहुंच जाओ तब तक रुकना मत और हार मत मानना और आपका सपना जरूर पूरा होगा आज तो आपको ये Motivational story in hindi कहानी पसंद आई होगी |

 

 

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