ABS सिस्टम क्या है : ABS Meaning in Hindi : ABS Full Form

पूरे विश्व भर में प्राचीन काल से ही किसी ना किसी प्रकार की तकनीक पर समय-समय पर सुधार किए गए हैं। चाहे वह तकनीक किसी भी क्षेत्र की हो ठीक उसी प्रकार पुराने समय के मुकाबले वाहनों के क्षेत्र में अनेकों तकनीकों का विकास हुआ है। जिनमें से वाहनों के अंदर उपयोग होने वाली एबीएस एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम तकनीक है। जिसको पुराने समय के MANUAL BRAKES सिस्टम को हटाकर इस तकनीक को वर्तमान में चल रहे वाहनों के आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम के तौर पर उपयोग किया जाने लगा है।

एबीएस एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम किसी भी वाहन को अचानक की स्थिति में रोकने और कंट्रोलिंग पावर को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस लेख के माध्यम से आपको एबीएस एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की जाएगी। जैसे कि एबीएस एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम क्या है? एबीएस सिस्टम का इतिहास एबीएस सिस्टम कैसे काम करता है? एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम के अंदर उपयोग होने वाले मुख्य उपकरण और एबीएस एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम के मुख्य लाभ और हानियां इत्यादि।

ABS सिस्टम क्या है – ABS System Meaning in Hindi 

ABS सिस्टम क्या है – ABS एक तरह का वाहनों में प्रयोग होने वाला एक एडवांस तकनीक का ब्रेकिंग सिस्टम होता है। जिसको ABS या एंटी ब्रेकिंग लॉक सिस्टम के रूप में जाना जाता है। ये ABS ब्रेकिंग सिस्टम किसी भी वहां को एमरजेंसी स्तिथि में नियंत्रणपूर्वक रोकने में मदद करता है। जैसे कि कभी-कभी एंटी-स्किड ब्रेकिंग सिस्टम, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम कार और मोटरसाइकिल के पहियों को लॉक होने से रोकने में मदद करते हैं।

एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम

और ब्रेकिंग के दौरान वाहन के स्टीयरिंग को नियंत्रण में रखता है। जिससे कि ABS सिस्टम जरिए किसी भी वहां को तेज स्पीड से भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। ABS सिस्टम कैसे काम करता है। और इसके फायदे और साथ ही इस ABS सिस्टम में उपयोग होने वाले कंपोनेंट्स के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करेंगे। इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। जिससे कि आपको ABS एंटी ब्रेकिंग लॉक सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके।

HIGHLIGHTS OF ABS SYSTEM

तकनीकABS Anti-Lock Braking System
उपयोगवाहनों के ब्रेक सिस्टम में उपयोग
एबीएस सिस्टम के भागWheel Speed Sensor
प्रैशर वाल्व
ऑयल पंप
नियंत्रक मॉड्यूल
हाइड्रोलिक मोटर सिलिंडर
एबीएस सिस्टम के प्रकार4 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम
3 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम
1 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम
एबीएस फुल फॉर्मएंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम

ABS System Full Form

एबीएस सिस्टम की फुल फॉर्म Anti-lock Braking System है

ABS सिस्टम का इतिहास – History of ABS System 

  • ABS का पहला परीक्षण और प्रयोग 1920 के दशक में फ्रांसीसी अग्रणी गेब्रियल वोइसिन द्वारा किया गया था। ABS सिस्टम को शुरू में विमान और रेल पर ब्रेक लगाने में सहायता करने के लिए उपयोग किया जाता था।
  • इसके बाद समय समय पर नई तकनीक के जरिए ABS सिस्टम को ज्यादा कारगर बनाने के लिए ABS में आधुनिक सुधार किए गए।
  • और इस ABS सिस्टम के साथ वाहनों को बाज़ार में उतरा गया। और इस सिस्टम को वाहन चालकों द्वारा अच्छा रेस्पॉन्स मिला। और ABS वाहनों की बाज़ार में मांग बढ़ने लगी।
  • एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम को 50 के दशक के मध्य के दौरान रेल और विमानन उद्योगों में रॉयल एयर फोर्स फाइटर प्लेन, कॉनकॉर्ड और बहुत सारे डीजल लोकोमोटिव वाहनों में प्रयोग किया गया था।
  • डेमलर ने 1953 में स्किडिंग से पहियों को रोकने के लिए एक प्रणाली विकसित करना शुरू किया। मर्सिडीज-बेंज में ABS सिस्टम को डिजाइन के प्रमुख हंस शेरेनबर्ग, पेटेंट ऑटोमोटिव इनोवेशन के पीछे मुख्य व्यक्ति थे।
  • ABS के विकास के चरण के दौरान मुख्य चुनौती यह थी कि सड़क पर जाने वाले वाहनों को विमान और लोकोमोटिव की तुलना में अधिक सेंसर और तेजी से डेटा प्रोसेसिंग की आवश्यकता थी।
  • सभी ड्राइविंग परिस्थितियों के दौरान तेजी से गति से डेटा एकत्र करने के लिए सिस्टम की आवश्यकता होती थी। जिससे कि ब्रेकिंग सिस्टम को इनपुट डाटा प्राप्त करने के बाद ABS पूर्ण रूप से अच्छा कार्य कर सके।

abs system

  • इसके बाद लगभग 10 वर्षों के बाद डेमलर-बेंज ने अपने पहले इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक ब्रेकिंग कंट्रोल सिस्टम पर काम शुरू किया।
  • और 1966 में जर्मन कंपनी ने Heidelberg  Teldix /Bosch के साथ ‘मर्सिडीज-बेंज/टेलिक्स एंटी-ब्लॉक सिस्टम’ विकसित करने के लिए भागीदारी करके इस आधुनिक ABS सिस्टम को विकसित किया।
  • और इस ब्रेकिंग सिस्टम का ट्रायल सन 1970 में जर्मनी के interturkheim में किया गया था।
  • और इसी बाद बहुत सी मोटर निर्माता कंपनियों ने अपने निर्मित वाहन को इस ABS सिस्टम के साथ अपने ब्रांडों कि विकसित करना शुरू कर दिया।
  • और इसके बाद बेंडिक्स कॉरपोरेशन के साथ सह-विकास करने वाले क्रिसलर ने 1971 इंपीरियल को अपने ‘श्योर ब्रेक’ सिस्टम के साथ पेश किया।
  • और इसके बाद फोर्ड कंपनी ने लिंकन कॉन्टिनेंटल मॉडल पर एकल-चैनल रियर यूनिट के रूप में रूप में ABS को विकसित किया गया था।
  • और इसके बाद जनरल मोटर्स (जीएम) ने भी 1972 में अपने ‘ट्रैकमास्टर’ के साथ आए-विभिन्न कैडिलैक और ओल्ड्समोबाइल मॉडल में एक एकल-चैनल रियर यूनिटएबल ABS सिस्टम को विकसित कर दिया।
  • और इसके बाद, यहां तक ​​कि, टोयोटा और निसान ने सिस्टम के अपने पुनरावृत्तियों को बनाना शुरू कर दिया था।
  • और इसके बाद सन् 1978 में W116 मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास पर ABS सिस्टम को पेश किया गया था।
  • और यह दुनिया का पहला-फोर-व्हील मल्टी-चैनल एंटी-लॉक ब्रेक सिस्टम वाहन बन गया। जो जल्द ही ऑटोमोटिव उद्योग में क्रांति लाया। इस वाहन में ABS सिस्टम को बॉश और डेमलर द्वारा विकसित किया गया था।

ABS System कैसे काम करता है 

एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम ब्रेकिंग के दौरान प्रत्येक पहिया की घूमने की गति में परिवर्तन की निगरानी के लिए एक कंप्यूटर का उपयोग करता है। यदि गति बहुत जल्दी धीमी हो जाती है (जैसे कि एक फिसलन सतह पर ब्रेकिंग जब) और पहिया को रोकने के लिए पहिए को लॉक लगाते हैं, और कंप्यूटर स्वचालित रूप से ब्रेक प्रेशर कम हो जाता है। पहिया फिर से तेज हो जाता है और ब्रेक प्रेशर को फिर से बढ़ाया जाता है, जिससे पहिया ब्रेकिंग हो जाती है। इस प्रक्रिया को ब्रेकिंग सिस्टम में लगे सेंसर की वजह से 1 सेकंड में कई बार दोहराया जाता है।

आज लगभग सभी नई कारों और मोटरसाइकिलों पर एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम को लागू कर दिया है और इसका उपयोग न केवल ब्रेकिंग के दौरान स्टीयरिंग की सहायता के लिए किया जाता है बल्कि डायरेक्शन नियंत्रण में भी सहायता के लिए उपयोग किया जाता है।

एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम

एंटी-लॉक ब्रेक के पीछे काम करने का सिद्धांत सरल है। एक स्किडिंग व्हील में गैर-स्किडिंग व्हील की तुलना में कम घर्षण होता है। यदि आप बर्फ पर फंस गए हैं, तो आप जानते हैं कि यदि आपके पहिये घूम रहे हैं तो आपके पास कोई कर्षण नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि संपर्क पैच बर्फ के सापेक्ष खिसक रहा है। जब आप धीमी गति से पहियों को फिसलने से रोकते हैं, तो एंटी-लॉक ब्रेक आपको दो तरह से लाभ पहुंचाते हैं। आप तेजी से रुकेंगे और जब आप रुकेंगे, तो आप साथ ही चल सकेंगे।

एक पहिया कब लॉक होने वाला है। यह जानने के लिए एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम को किसी तरह की आवश्यकता होती है। गति संवेदक जो प्रत्येक पहिये पर या कुछ मामलों में अंतर में स्थित होते हैं। ये कंपोनेंट्स ABS मॉड्यूल को पहिए की गति की स्थिति का डाटा उपलब्ध कराते है। जिस से कि जरूरत के अनुसार सिलेंडर हर ब्रेक ड्रम सिलेंडर यूनिट को ऑयल प्रैशर देता है। जिस से ब्रेक सिस्टम पहिए को लॉक करता है। और छोड़ता है। ये प्रक्रिया बहुत ही फास्ट और कुछ ही पलों में कई बार ABS System दोहराता है।

ABS SYSTEM के मुख्य कंपोनेंट्स 

  1. Wheel Speed Sensor
  2. प्रैशर वाल्व
  3. ऑयल पंप
  4. नियंत्रक मॉड्यूल
  5. हाइड्रोलिक मोटर सिलिंडर

एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम

ABS System के काम करने में मुख्य उपकरण इस प्रकार है।

Wheel Speed Sensor 

ये सेंसर किसी भी वहां के पहिए की गति का संदेश ABS मॉड्यूल को भेजते है। जिस से कि मॉड्यूल प्राप्त किए गए डाटा के आधार पर ब्रेक ड्रमों के हर सिलेंडर को ऑयल प्रेशर भेजता है। ये सारी कार्यप्रणाली हर पहिए के ब्रेक ड्रमों में लगे स्पीड सेंसर के जरिए पूर्ण कार्य करती है।

प्रैशर वाल्व

एबीएस द्वारा नियंत्रित प्रत्येक ब्रेक की ब्रेक लाइन में एक वाल्व होता है। कुछ ABS System पर वाल्व के तीन स्थान होते हैं। एक स्थिति एक में वाल्व खुला है। मास्टर सिलेंडर से दबाव सीधे ब्रेक तक जाता है। दूसरी स्थिति दो में वाल्व उस ब्रेक को मास्टर सिलेंडर से अलग करते हुए लाइन को ब्लॉक कर देता है। यह दबाव को और अधिक बढ़ने से रोकता है यदि चालक ब्रेक पेडल को जोर से धक्का देता है। स्थिति तीन में वाल्व ब्रेक से कुछ दबाव छोड़ता है।

हाइड्रोलिक पंप

चूंकि वाल्व ब्रेक से दबाव छोड़ने में सक्षम है। इसलिए उस दबाव को वापस लाने का कोई तरीका होना चाहिए। पंप यही करता है; जब एक वाल्व लाइन में दबाव को कम करता है, तो दबाव को वापस लाने के लिए पंप वहां होता है।

नियंत्रक मॉड्यूल

किसी भी एबीएस सिस्टम वाहन में एक कंप्यूटर मॉड्यूल होता है। यह पहिए की गति की सूचना कंट्रोल मॉड्यूल को भेजता है।

ABS सिस्टम क्या है

और वाल्वों को नियंत्रित करता है। इसी मॉड्यूल के जरिए ब्रेक सिलेंडर वाल्व जरूरत अनुसार खुलते है। और बंद होते है। जिस से कि एबीएस ब्रेक सिस्टम कार्य करता है।

हाइड्रोलिक मोटर सिलिंडर

ये हाइड्रोलिक सिलेंडर ब्रेक को खोलने और बन्द करने के लिए ब्रेक ड्रमों में लगे यूनिट सिलिंडर को हाइड्रोलिक ऑयल का प्रेशर भेजते है। जिस से की ब्रेक क्लीपर खुलने पर ब्रेक डिस्क को रोकते और छोड़ते है। और ये कार्य प्रणाली कुछ ही सेकंड में 15 से 20 बार होती है।

ABS सिस्टम के प्रकार – Types of ABS System in Hindi

आमतौर पर वाहनों में उपयोग होने वाले 3 तरह के एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम होते हैं जो कि इस प्रकार हैं

  • 4 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम
  • 3 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम
  • 1 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम

इन तीनों एबीएस सिस्टम में से सबसे अच्छा ऑप्शन 4 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम है। क्योंकि इस तरह के एबीएस सिस्टम केबल प्रभावित घूम रहे पहिए को संबंधित करके स्पीड में ब्रेक क्रिया को माइक्रोमैनेज कर सकता है। और इसके विपरीत 3 चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम मैं दो सेंसर होते हैं। जो आगे और पीछे होते हैं। पिछला एबीएसएन सर एक्सेल हाउसिंग में लगाया जाता है। जो दोनों पिछले ब्रेक को ऑपरेट करता है।

सिंगल चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम सिरप पिछले एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम में उपयोग किया जाता है। जिसके अंतर्गत वाहन के पिछले पढ़ने के एक्शन हाउसिंग में एक सिंगल एबीएस सिस्टम सेंसर लगा होता है। जो कि सिर्फ किसी भी वाहन के पिछले पहियों को ही एबीएस सिस्टम के अंतर्गत आता है। सिंगल चैनल सेंसर एबीएस सिस्टम की कार्यप्रणाली की कंट्रोलिंग पावर कम होती है। जिसके आधार पर किसी भी वाहन को आपत्तिजनक स्थिति में एकदम कंट्रोल करना मुश्किल होता है।

एंटी लॉक ब्रेक के फायदे 

  • कम रुकने की दूरी: – एंटी-लॉक ब्रेक ब्रेकिंग दूरी को कम करते हैं। क्योंकि पहिया स्किडिंग दूरी को बर्बाद नहीं करता है।
  • गीली सतह पर रुकना: – एबीएस व्हील लॉक अप से बचा जाता है। और इसलिए गीली स्लीटी सतहों पर निश्चित रूप से ब्रेक लगाने की अनुमति देता है।
  • स्टीयर अंडर ब्रेकिंग: – एंटी लॉक ब्रेक आपको अपनी कार को वस्तुओं के आसपास चलाने की अनुमति देते हैं। यदि कोई हो, क्योंकि तीव्र ब्रेकिंग के तहत पहियों पर आपकी पकड़ अभी भी है।

एंटी-लॉक ब्रेक के नुकसान 

  • ABS ब्रेक का प्राथमिक नुकसान यह है कि यह एक वाहन की समग्र लागत में वृद्धि हुई लागत को जोड़ता है। साथ ही रखरखाव की लागत भी बढ़ जाती है
  • क्योंकि प्रत्येक पहिये पर लगे सेंसर महंगे होते हैं। और अगर वे कैलिब्रेशन से बाहर हो जाते हैं तो जेब पर भारी पड़ जाते हैं।
  • एंटी-लॉक ब्रेक का काम सुनिश्चित फुटेड ब्रेकिंग प्रदान करना है। लेकिन इसका एक साइड इफेक्ट भी है।
  • जो विभिन्न सतहों पर परिवर्तनशील परिस्थितियों में असंगत रोक दूरी है।
  • इसके अलावा चिंता का एक कारण यह भी है। कि ये इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शांत नाजुक होते हैं।
  • और आपकी कार में अधिक यांत्रिकी जोड़ने से सिस्टम के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।

CALCULATION

इस आर्टिकल के माध्यम से आपको आपको ABS सिस्टम क्या है के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करने की कोशिश की गई है। अगर आपका एबीएस सिस्टम से संबंधित किसी भी तरह का कोई प्रश्न HO तो, आप भेजें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हम आपके प्रश्न का उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे। और इस एबीएस सिस्टम के अंतर्गत पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़ें। जिसमें हमने कोशिश की गई है। कि एबीएस एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम के बारे में हर पहलू पर लिखा गया है।

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